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1977 की कॉमिक्स के विज्ञापन

हमारे ज़माने में तो ऐसा होता था… वाक्य भारत का ध्येय वाक्य घोषित किये जाने की क्षमता रखता है. आदमी 25 पार का हुआ नहीं उसका ज़माना बन जाता है. जैसे इन दिनों भारत में नाइंटीज का नोस्टाल्जिया खूब चल रहा है. तुम भूसा लिखो और आगे नाइंटीज लिखो गूगल लाखों में रिजल्ट दे देगा. (1977 Comics Ads)

इस जमाने के लोग अभी भारत में 30% भी ना होंगे पर ज़माना आजकल इन्हीं का चल रहा है. 20 साल का बच्चा भी कहता है नाइंटीज का ज़माना ही कुछ और था 50 साल का आदमी भी कह रहा है नाइंटीज का ज़माना ही कुछ और था. नोस्टाल्जिया के नाम पर हमने कुछ गढ़ दिया है जिसे भेड़ चाल कहते हैं. (1977 Comics Ads)

ख़ैर काफल ट्री आपके लिये लाया है 1977 की कॉमिक्स के कुछ विज्ञापन. देखिये सत्तर और अस्सी के दशक के लोग यूं ही नहीं कहा करते हमारे ज़माने में तो ऐसा होता था…

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Girish Lohani

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