कुमाऊं में ब्राह्मणों के प्रकार

4 years ago

कुमाऊं की जातिगत परम्परा के अंतर्गत ब्राह्मणों के भीतर भी वर्ग किये गये हैं. इस वर्गीकरण के आधार पर कुमाऊं…

चारधाम में एक दिन में पांच से दस हजार किलो कचरे का ढेर जमा हो रहा है

4 years ago

पिछले तेरह दिनों उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर आये यात्रियों की संख्या पांच लाख से ज्यादा है अभी लाखों यात्रियों…

मां की ठोस यादों से भरा कुमाऊनी गीत “पलना”

4 years ago

अपने जीवन में स्त्री एक साथ कई किरदारों से होकर गुजरती है जिसमें मां का किरदार सबसे मयाला है. एक…

चाय से जुड़े अफसाने, चाय दिवस के बहाने

4 years ago

चाय हमारे हिन्दुस्तानी समाज में कुछ इस तरह रच-बस चुकी है कि वह अब केवल राष्ट्रीय पेय ही नहीं रहा,…

पुस्तक समीक्षा – भंवर: एक प्रेम कहानी

4 years ago

भंवर: एक प्रेम कहानी- अनिल रतूड़ी का हाल ही में प्रकाशित उपन्यास है. उपन्यास में लेखक ने लोक-जीवन से भरपूर…

पूरन दा और उनकी चलती-फिरती काफल की दुकान

4 years ago

गर्मियों के आने की आहट के साथ आ जाता है पहाड़ों का रसीला काफल. हर साल अपने रुप से हर…

कुमाऊनी संस्कृति के रंगों से गुलजार होता नैनीताल

4 years ago

पिछले एक वर्ष में नैनीताल का स्थानीय बाज़ार कुमाऊनी संस्कृति के रंगों से गुलजार होता नजर आ रहा है. बाज़ार…

पहाड़ की स्मृति : यशपाल की कहानी

4 years ago

अब तो मण्डी में रेल, बिजली और मोटर सभी कुछ हो गया है पर एक ज़माना था, जब यह सब…

फ़ोटोग्राफ़र : क़ुर्रतुल एन हैदर की कहानी

4 years ago

मौसमे-बहार के फलों से घिरा बेहद नज़रफ़रेब1 गेस्टहाउस हरे-भरे टीले की चोटी पर दूर से नज़र आ जाता है. टीले…

प्रेमचंद की कहानी ‘मंदिर और मस्जिद’

4 years ago

चौधरी इतरतअली ‘कड़े’ के बड़े जागीरदार थे. उनके बुजुर्गों ने शाही जमाने में अंग्रेजी सरकार की बड़ी-बड़ी खिदमत की थीं.…