नोस्टाल्जिया बन चुकी तितलियों के रंग बता रहा है विंग्स फाउंडेशन

4 years ago

बचपन में रंग-बिरंगी तितली के पीछे भागना कई लोगों का सबसे प्रिय सगल रहा है. अक्सर किताबों में दिखने वाली…

लिखा हुआ पत्ता : कुमाऊनी लोककथा

4 years ago

एक था गरीब ब्राह्मण. उसकी एक पत्नी थी – ब्राह्मणी. ब्राह्मणी घूम-घूम कर भीख माँगा करती थी. इसी तरह वे…

टिहरी का अशोक ‘राजा कीर्ति शाह’

4 years ago

टिहरी राजवंश में कीर्ति शाह सबसे महत्वपूर्ण राजाओं में थे. कीर्ति शाह ने राज्य  को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया. कीर्ति…

सीमाएँ : मोहन राकेश की कहानी

4 years ago

इतना बड़ा घर था, खाने-पहनने और हर तरह की सुविधा थी, फिर भी उमा के जीवन में बहुत बड़ा अभाव…

जिम कार्बेट और जिला चम्पावत

4 years ago

जब कभी चम्पावत के इतिहास की बात होती है तो उसमें जिम कार्बेट का नाम जुड़ ही जाता है. कार्बेट…

कुमाऊं शब्द का पुराणों से अभिलेखों तक उल्लेख

4 years ago

जिस स्थान को वर्तमान में कुमाऊं कहा जाता है मध्य हिमालय के इस भाग के लिए पौराणिक ग्रन्थों में कूर्मांचल…

पहली कुमाऊनी कहानी ‘छितकू की कथा’

4 years ago

कुछ समय पहले तक यह माना जाता था की अचल पत्रिका में प्रकाशित गोविन्द वल्लभ पन्त की कहानी 'एक रुपैंक…

जब आई थी काठगोदाम में पहली रेल

4 years ago

न तराई-भाबर में रहने वाले इंसानों को अंदाजा था न यहां के घनघोर बियावान में रहने वाले जानवरों को कि…

गिरगिट का सपना : मोहन राकेश की कहानी

4 years ago

एक गिरगिट था. अच्‍छा, मोटा-ताजा. काफी हरे जंगल में रहता था. रहने के लिए एक घने पेड़ के नीचे अच्‍छी-सी…

चालीस भाइयों की पहाड़ी

4 years ago

कई साल पहले कश्मीर की ऊँची पहाड़ियों में एक धनी किसान रहता था, जिसका नाम द्रूस था. हालाँकि उसके पास…