ललित मोहन रयाल का नया उपन्यास ‘चाकरी चतुरंग’

5 years ago

व्यावहारिक- सामाजिक सन्दर्भों में 'व्यवस्था' का दृश्य-अदृश्य जितना व्यापक प्रभाव है साहित्यिक-सामाजिक विमर्श में ये उतना ही सामान्यीकृत पद है.…

‘पूस की रात’ दर्द और दोस्ती की कहानी

5 years ago

हल्कू ने आकर स्त्री से कहा- सहना आया है, लाओ, जो रुपये रखे हैं, उसे दे दूँ, किसी तरह गला…

पिथौरागढ़ नगर से जुड़े कुछ रोचक पहलू

5 years ago

पिथौरागढ़ का मुख्य बाजार पुराना बाजार था जो शिवालय मंदिर से प्रारंभ होकर नेहरु चौक तक की सीढियों तक था.…

इस वजह से ‘गिनीज बुक’ में दर्ज है चम्पावत का नाम

5 years ago

इस बात के विषय में कम लोगों को ही जानकारी है कि चम्पावत जिले का नाम गिनीज बुक ऑफ़ रिकार्ड…

असल पहाड़ी ही जानता है भांग के ऐसे गुण

5 years ago

आज बात हो जाय भांग की और भांग के उस पक्ष की जिसे पहाड़ी आदमी तो बखूबी समझता, जानता है…

शहादत के पचास वर्ष और वीरांगना की संघर्षपूर्ण दास्तां

5 years ago

देश की सेना के शौर्य परम्परा  की गौरवपूर्ण गाथा में 16 दिसम्बर 1971 का दिन स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गया,…

कृश्न चंदर की कहानी : जामुन का पेड़

5 years ago

रात को बड़े ज़ोर का झक्कड़ (आंधी) चला. सेक्रेटेरियट के लाॅन में जामुन का एक दरख़्त गिर पड़ा. सुबह जब…

उत्तराखंड की पहली प्रकाशक बिटिया

5 years ago

अप्रत्याशित खबर की तरह हिंदी समाज की जुबान पर ‘दून लिटरेचर फेस्टिबल 2016’ छा गया. मुख्य परिकल्पना उत्तराखंड की दो…

200 साल पहले ऐसा दिखता था चम्पावत

5 years ago

कुमाऊं के सबसे पुराने शहरों में एक शहर है चम्पावत. काली कुमाऊं की राजधानी के रूप में जाना जाने वाला…

वकील साहब आज भी कोई दलील नहीं सुनते!

5 years ago

'आज फिर उधार करना पड़ा बेटा'... उनकी आवाज़ में कुछ बूँदें थीं. फोन पर एक घरघराहट थी जो निस्संदेह फोन…