ढोलियों के बिना लोकदेवता की हर पूजा अधूरी मानी गयी है

4 years ago

रामगंगा नदी को पानी देने वाली अनेक गुमनाम नदियों के किनारे अनेक गांव हैं जिनके नाम सिवा खाता-खतूनी के कहीं…

‘ज़िंदगी और जोंक’ अमरकांत की कालजयी कहानी

4 years ago

मुहल्‍ले में जिस दिन उसका आगमन हुआ, सबेरे तरकारी लाने के लिए बाजार जाते समय मैंने उसको देखा था. शिवनाथ…

भीमताल की जर्मन बहू ने दुनिया को नयी ज़िंदगी दी

4 years ago

भीमताल की जून एस्टेट एक मिथक की तरह नैनीताल-वासियों के मन में हमेशा रही है. जब हम लोग नैनीताल के…

खुशी के पीछे भागो, पैसों के पीछे नहीं

4 years ago

जीवन में पैसों की जरूरत पर एक अंग्रेजी का लेख पढ़ रहा था – द नथिंगनेस ऑफ मनी. इस लेख…

उत्तराखंड के इस इलाके में दुल्हन जाती है बारात लेकर दूल्हे के घर

4 years ago

उत्तराखंड अपनी सांस्कृतिक विवधता के लिये खूब जाना जाता है. गढ़वाल, कुमाऊं, जौनसार, भाबर से मिलकर बने इस राज्य में…

राजी जनजाति : परम्पराएँ व रहन-सहन

4 years ago

वनरौत को ले कर वैसे तो कई कहानियां हैं लेकिन पूर्वजों द्वारा सुनाए गए किस्सों व किमखोला के राजी समुदाय…

नैनीताल में पर्यटन का बीड़ा उठाने वाली पहली ब्रिटिश महिला

4 years ago

भारत के गर्म और उमस भरे मौसम के बीच नैनीताल की खोज ब्रिटेन के लोगों के लिए वरदान की तरह…

जंग बहादुर: एक मेहनतकश पहाड़ी डोटियाल की कहानी

4 years ago

बादामी रंग के पुराने कागज के टुकड़े पर लिखी हुई रसीद उंगलियों में थामे हुए, जब मैं कुलियों के चित्रगुप्त…

ताकुला की आमा का होटल और पहाड़ियों की बस यात्रा

4 years ago

शहरों से पहाड़ को लौटने पर हल्द्वानी से ही एक अलग उर्जा का संचार होने लगता है. लम्बे सफ़र की…

नए साल के लिए उत्तराखण्ड का अपना कैलेंडर

4 years ago

भांति-भांति के कैलेंडर देखकर एक उत्तराखंडी होने की वजह से हमारा भी मन करता है कि हमारा भी अपना एक…