सरदार उधम: आर्ट और विचार का ऐसा मेल कम ही देखने को मिलता है

4 years ago

कोई ज़िंदा है...?  इन तीन शब्दों का नाद बहुत देर तक ज़ेहन में होता है... होना चाहिए भी क्योंकि ये…

उत्तराखंड की लोक-कथा: बीरा बैण

4 years ago

सालों पहले उत्तराखण्ड के जंगल में एक बुढ़िया रहती थी. उस विधवा बुढ़िया के सात बेटे थे और एक सुंदर…

इस तरह एक पुरुष के रूप में भारत की पहली फिल्म को अपनी नायिका मिली

4 years ago

1913 में भारत की पहली फिल्म बनाते समय तमाम सामाजिक-आर्थिक दिक्कतों से जूझते दादासाहब फाल्के के सामने सबसे बड़ी समस्या…

ठेठ कुमाऊनी खानपान की रंगत

4 years ago

आजकल सोशल मीडिया और यूट्यूब वगैरह में जो कुमाऊनी थाली दिखाई जाती है उसमें दाल, भात, डुबके, आलू के गुटके…

हिमालयी क्षेत्रों में विकास के नाम पर जबरन शहरीकरण थोपा जाना कितना सही है

4 years ago

पिछले कुछ दशकों में हिमालयी क्षेत्रों में विकास के नाम पर जबरन शहरीकरण थोपा जा रहा है. शिमला, नैनीताल, दार्जिलिंग,…

प्यारी दीदी एलिजाबेथ व्हीलर को भावभीनी श्रद्धांजलि

4 years ago

‘‘जीवन तो मुठ्ठी में बंद रेत की तरह है, जितना कसोगे उतना ही छूटता जायेगा. होशियारी इसी में है कि…

ब्रेक लगाइए, अगले मोड़ पर प्रलय इंतज़ार कर रहा है

4 years ago

कहते हैं पहाड़ों पर गाड़ी चलाते मोड़ों पर हॉर्न का प्रयोग करें पर जिस तरह से इस साल हिमालयी प्रदेश…

सम्प्रेषण की अद्भुत क्षमता रखते हैं कुमाऊनी लोकभाषा के समयबोधक शब्द

4 years ago

शब्द अथवा शब्दों के समुच्चय से कोई भाव या विचार बनता है. यदि मात्र एक शब्द से ही हम किसी…

द्वाली में फसे पर्यटकों का रेस्क्यू अभियान

4 years ago

पिंडर घाटी के द्वाली में फसे 42 देशी और विदेशी पर्यटकों को रेस्क्यू कर लिया गया है. लगभग 15 बंगाली…

पंडित नैनसिंह रावत के जन्मदिन पर पढ़िये उनके शुरुआती जीवन के संघर्ष

4 years ago

तिब्बत का पहला भौगोलिक अन्वेषण करने वाले उन्नीसवीं शताब्दी के महानतम अन्वेषकों में से एक माने जाने वाले मुनस्यारी की…