कोसी नदी ‘कौशिकी’ की कहानी

1 year ago

इस पहाड़ से निकल उस पहाड़कभी गुमसुम सी कभी दहाड़यूं गिरते-उठते, चलते मिल समंदर से जाती हैहर नदी अपनी मंजिल…

यो बाटा का जानी हुल, सुरा सुरा देवी को मंदिर…

2 years ago

मुनस्यारी में एक छोटा सा गांव है सुरिंग. गांव से कुछ तीन किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पर नंदा देवी का…

कुमौड़ गांव में हिलजात्रा : फोटो निबन्ध

2 years ago

हिलजात्रा एक ऐसी परंपरा जो पिछले 500 सालों से पिथौरागढ़ के कुमौड़ गाँव में चली आ रही है जिसे कुमौड़…

शो मस्ट गो ऑन

2 years ago

मुझ जैसा आदमी... जिसके पास करने को कुछ नहीं है... जो बिलकुल अकेला हो और उससे बढ़ कर बूढ़ा हो……

सेंट जोसेफ कॉलेज नैनीताल : देश का प्रतिष्ठित स्कूल

2 years ago

किसी भी समाज के निर्माण से लेकर उसके सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास में शिक्षा की  महत्वपूर्ण भूमिका होती है. शिक्षा…

चप्पलों के अच्छे दिन

2 years ago

लंबे अरसे से वह बेरोज़गारों के पाँव तले घिसती हुई जिन्स की इमेज ढोती रही. उसका हमवार जूता, हर राह,…

छिपलाकोट अंतरयात्रा : चल उड़ जा रे पंछी

2 years ago

पिछली कड़ी : छिपलाकोट अंतरयात्रा : वो भूली दास्तां, लो फिर याद आ गई सुबह हो गई है. मौसम बिलकुल…

बिरुण पंचमि जाड़ि जामलि, बसंतपंचमि कान कामलि

2 years ago

पहाड़ों में इन दिनों होता है आनन्द और उत्सव का माहौल. अगले कुछ दिन गाँव के लोग मिलकर आंगन में…

‘कल फिर जब सुबह होगी’ आंचलिक साहित्य की नई, ताज़ी और रससिक्त विधा

2 years ago

हमारी दुनिया एक फ़ैसला-कुन तरीके से उलट रही थी जब ये जुमला बहुत आहिस्ता से फूंका गया था हमारे कानों…

कसारदेवी के पहाड़ से ब्लू सुपरमून

2 years ago

Once in a blue moon, आपने अक्सर अंग्रेज़ी की इस कहावत का ज़िक्र किया होगा या फिर सुना होगा, पर…