बारिश में दो सहेलियों का पहाड़ी सफ़र

5 years ago

अभी विमान देहरादून में उतरा भी नहीं था की वहाँ के मौसम का आभास हो चुका था. पायलट बाबू पहले…

औली: हमारा अपना स्विटजरलैंड

5 years ago

चारों तरफ सफेद बर्फ की चादर से ढँकी पर्वत श्रृंखलाएँ. रोपवे पर लगातार आती-जाती ट्रॉलियाँ. पहाड़ों के बीच बर्फ से…

लोक वाद्य बनाने और बजाने का प्रशिक्षण देने वाली कार्यशाला

5 years ago

भाव राग ताल नाट्य अकादमी पिथौरागढ एवं ओएनजीसी देहरादून के सहयोग से विलुप्त होते जा रहे लोकपर्व जैसे साँतु-आँठू और…

मनुभाई और उनका मनसुख

5 years ago

पूरब के कुछ इलाकों में दुश्मन के नाम का कुत्ता पालने का रिवाज रहा लेकिन कुत्ता पालने का असली मकसद…

आज से एक महीने तक घी से ढका रहेगा जागेश्वर ज्योतिर्लिंग

5 years ago

आज मकर संक्रांति के दिन जागेश्वर धाम में ज्योतिर्लिंग को घी से ढकने के परम्परा पूरी की गयी. प्रत्येक वर्ष…

आज के दिन सौ साल पहले बागेश्वर की फ़िजा गर्म थी

5 years ago

सौ बरस पहले 14 जनवरी की सुबह बागेश्वर की फ़िजा में अलग गर्मी थी. आज सरयू कल-कल के बजाय दम्मू…

उत्तरायणी में कौवों को खिलाने की परंपरा के बारे एक लोक कथा

5 years ago

उत्तरायणी में कौवो को खिलाने की परंपरा के बारे में कई जनश्रुतियां एवं लोककथाएँ प्रचलित हैं. इनमें से एक लोक…

जै जिया के जयकारे से गूंजा रानीबाग

5 years ago

मकर संक्राति की सुबह कड़-कड़ाती ठंड में स्नान के साथ समाप्त होता जियारानी का मेला. इससे पिछली रात रानीबाग़ में…

आज पारम्परिक पकवानों की सुंगध बिखरेगी हर पहाड़ी परिवार में

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घुघुतिया पहाड़ियों का सबसे प्रिय त्यौहार है. बिरला ही ऐसा कोई होगा जिसके भीतर घुघितिया की भीनी याद न होगी.…

उतरैणी के बहाने बचपन की यादें

5 years ago

असौज का सारा कारोबार समेटकर जाड़ों में जब सारे काम निबट जाते तो हमारी बुब (बुआ) कुछ समय के लिए…