कुमाऊं के गोपीदास मास्साब का गायन सुनने के लिये आपको जर्मनी जाना पड़ेगा

5 years ago

कुमाऊँ की सीमान्त शौका सभ्यता से ताल्लुक रखने वाली अनिन्द्य रूपवती राजुला और उसके प्रेमी राजकुमार मालूशाही की प्रेमकथा हमारे…

इगास: वंचितों को समर्पित लोकपर्व

5 years ago

जो छूट गए, जो पिछड़ गए हैं और जो अधिकारों से वंचित रह गए हैं, सरकारें उन्हें मुख्यधारा में लाने…

हिमालय की लोकदेवी झालीमाली

5 years ago

उत्तराखंड में देवी भगवती के नौ रूपों यथा- शैलपुत्री, ब्रहृमचारिणी, चन्द्रघंटा, कुशमांडा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धदात्री के अतिरिक्त…

40 साल से भगवान बद्रीनाथ की नौबत बजाने वाले प्रभु दास नहीं रहे

5 years ago

बीते चालीस सालों से भगवान बदरी विशाल के मंदिर में रोज सुबह और रात नौबत बजाने वाले प्रभु दास जी…

एक तगड़े शर्मीले डोटियाल की कथा

5 years ago

नेपाल के डोटी गाँव से आया एक प्यारा-सा तगड़ा शरमीला किशोर ग्रामीण सोर घाटी में मजदूरी करता था. बोझा वह…

कुमाऊं मोटर ओनर्स यूनियन लिमिटेड यानि केमू की शुरुआत

5 years ago

कुमाऊं मोटर ओनर्स यूनियन लिमिटेड नामक यह कम्पनी हिस्सों की बुनियाद पर नहीं बल्कि एक प्रकार से सहकारी भावनाओं को…

लोककथा : शेरू और श्याम

5 years ago

सावित्री ने आज घर पर ही रहने का फैसला किया. थकाऊ खेती के काम से आज उसे फुरसत मिली थी.…

ईश्वर ने हमें नहीं, हमने बनाया है ईश्वर को

5 years ago

जिड्डू कृष्णामूर्ति एक बार एक सभा को संबोधित कर रहे थे, तब किसी ने यह सवाल पूछा- कृपया इसका बिना…

बभूत मंतरना: जिसकी एक फूंक से छल-छिद्र छूमंतर हो जाता है

5 years ago

पहाड़ में छल-छिद्र, भूत-मसाण आये दिन लगे ही हुये. गाड़ गधेरे से चिपटने वाले छल-छिद्र तो घर के बुजुर्ग एक…

लोककथा : ह्यूंद की खातिर

5 years ago

पुरानी बात है जब दो वक्त की रोटी जुटाना ही बड़ी बात थी. उन्नत बीज और सही जानकारी न होने…