टीवी है ज़रूरी: उमेश तिवारी ‘विश्वास’ का व्यंग्य

5 years ago

एक ज़माने में जब मुल्क में टी वी अवतरित हुआ उसे दूरदर्शन के नाम से जाना गया. मालूम नहीं उसका…

डड्वार: गढ़वाल की विलुप्त होती परम्परा

5 years ago

डड्वार, गढ़वाल में दिया जाने वाला एक प्रकार का पारितोषिक है. जिसे पहले तीन लोगों को दिया जाता था: ब्राह्मण,…

हल्द्वानी के गट्टू भाई का बाघ से सामना

5 years ago

नई-नई शादी के पंद्रह दिन बाद उस रात गट्टू भाई की अपनी बीवी से पहली लड़ाई हुई. बीवी का लिहाज…

प्रिय अभिषेक का चुटीला व्यंग्य ‘माचिस कहां है’

5 years ago

एक कप पानी. एक कप दूध. अरे गैस तो जलाई ही नहीं. माचिस कहाँ है? कहाँ है माचिस? गैस के…

न्यू नॉर्मल में केदारनाथ की यात्रा

5 years ago

यूँ तो पिछले तीन वर्षों से अपने शोध कार्य को लेकर मैं लगातार केदारनाथ जाता रहा हूँ लेकिन इस साल…

थल केदार: महादेव का तीन हजार वर्ष पुराना आराधना स्थल

5 years ago

पुराण के मानसखण्ड में महर्षि व्यास ऋषियों को बताते हैं कि सरयू और श्यामा नदियों के बीच में भव्य स्थाकिल…

यूं बनाएं अपनी सुबह को और भी सुंदर

5 years ago

कहते हैं कि किसी काम की अच्छी शुरुआत होने का मतलब है आधा काम हो गया. इसीलिए अगर आप चाहते…

कुमाऊं के पंत ब्राह्मणों का पश्चिमी एशिया से संबंध

5 years ago

आठवीं शताब्दी में गुजरात में मुसलमान आक्रमणकारियों द्वारा सत्ता हथिया ली गई थी. यह संभव है कि उस समय कोई…

भोटान्तिक व्यापार के रास्ते, तरीके और माल असबाब

5 years ago

मल्ला दारमा के भोटान्तिकों का व्यापार पथ जो अजपथ और अश्व पथ से विकसित हुआ वह दारमा दर्रे (18510फ़ीट) से…

अल्मोड़े के दो खदवे दोस्त और चुटिया खींचने वाले मसाण की लोककथा

5 years ago

अल्मोड़े के पास एक गांव में अल्पबुद्धि और दीर्घबुद्धि नाम के दो दोस्त हुआ करते थे. अल्पबुद्धि, नाई और दीर्घबुद्धि,…