कमाल के हैं अपने भिनज्यू

6 years ago

आम कुमाऊॅनी परिवारों में जीजा जी यानी भिनज्यू एक विशिष्ट छवि लिए रहते हैं. यहाँ फूफाजी भी उन्हीं का एक…

कालू चूड़ी वाला : हल्द्वानी और आस-पास के गाँवों की बेटी-ब्यारियों की चलती-फिरती ज्वैलरी शॉप

6 years ago

वह समय आज की तरह हवा में जहर घोल देने वाला नहीं था. तभी तो आज से चार-पांच दशक पहले…

नरेंद्र सिंह नेगी के जबरा फैन बलबीर सिंह नेगी की कहानी

6 years ago

कर्म ही पूजा है, दीवारों की शोभा बढ़ाती ये सूक्ति कई जगह देखी पर जब ज़मीन पर देखी तो वो…

अल्मोड़ा के एक गाँव से बालीवुड की बुलंदियां तय करने वाले निर्मल पांडे के पांच यादगार किरदार

6 years ago

अल्मोड़ा के छोटे से गांव में पान बड़ैती में निर्मल पांडे का जन्म हुआ था निर्मल पांडे का. निर्मल पांडे जिनको…

सुल्ताना डाकू का किला और खूनीबड़ गाँव की कहानी

6 years ago

बीसवीं सदी के पूर्वाद्ध में नजीबाबाद-कोटद्वार क्षेत्र में सुल्ताना डाकू का खौफ था. कोटद्वार से लेकर बिजनौर यूपी और कुमाऊं…

ईजा और आमा के पुरुषार्थ से ही पहाड़ के परिवारों का रथ चलता है

6 years ago

आमा का पुरुषार्थ - 3 निरक्षर आमा का साक्षर संसार यूं तो आमा निरक्षर थी. दाहिने अंगूठे से उनका सारा…

मनोहर श्याम जोशी की कहानी ‘उसका बिस्तर’

6 years ago

बहुत मुश्किल से एक अदद मामूली नौकरी पा लेने के बाद उसने महसूस किया कि अभी और भी कई चीजें…

खुद को पहचानो, अकूत संभावनाओं के बीज हो तुम

6 years ago

अपने ही जीवन में हम कई ऐसे लोगों को जानते हैं, जिन्होंने अपनी जीवन-यात्रा से हमें हैरान किया है. वे…

पहाड़ की ठठ्वाणी और चौलाई के लड्डू को संयुक्त राष्ट्र ने एफएओ की माउंटेन रेसिपी बुक में शामिल किया

6 years ago

ठठ्वाणी और चौलाई के लड्डू का स्वाद तो उत्तराखंड के लोग खूब जानते हैं लेकिन अब इसे पूरा विश्व जानेगा.…

लोक में रचे बसे रंग और पहाड़ की कलाकारी

6 years ago

पहाड़ में अपनी भावनाओं को रेखाओं, आकृतियों का रूप दे उनमें रंग भर जीवंत कर देना हर घर-आँगन, देली-गोठ और…