रूमानी नहीं रौद्र होता है पहाड़ों का सावन

6 years ago

 भूगोल न सिर्फ़ खानपान, वेशभूषा, आवास को बल्कि साहित्य को भी प्रभावित करता है. खासकर गीतों को. सावन को ही…

छोटी सफलताएं बनेंगी बड़ी सफलता की सीढ़ियां

6 years ago

क्या आप जीवन में एक सफल इंसान बनना चाहते हैं? सफल होने के मायने हैं कि जो भी पेशा आपको…

उस जमाने का रिजल्ट जब लट्ठ, बिच्छू घास और चप्पलें ही बड़े-बुजुर्गों के आंणविक व विध्वंसक हथियार होते थे

6 years ago

अभी हाल में हर तरह के बोर्ड के रिजल्ट निकल आए हैं. कुछेक निकलने बांकी हैं. वैसे इस कोरोनाकाल में…

लकड़ी की पाटी, निंगाल की कलम और कमेट की स्याही : पहाड़ियों के बचपन की सुनहरी याद

6 years ago

करीब एक फीट चौड़ी तो डेढ़ फीट लम्बी और आधा इंच मोटाई की तख्ती. इसकी लकड़ी होती रीठा, पांगर, तुन,…

उत्तराखंड के जिस घर में चंद्रशेखर आजाद रहे आज वह उपेक्षित पड़ा है

6 years ago

गुलाम भारत में ये दौर था वर्ष 1930 के अगस्त माह के दूसरे सप्ताह का. जब चंद्रशेखर "आजाद", हजारीलाल, रामचंद्र,…

तारा दत्त भट्ट की पहाड़ी जड़ी-बूटियों से बनी पकौड़ियों के मुरीद अटल बिहारी वाजपेयी तक थे

6 years ago

नैनीताल जिले के अंतर्गत आने वाला एक गाँव है मल्ला रामगढ़. भवाली से लगभग यही कोई 14 किमी के आस…

देहरादून के घंटाघर का रोचक इतिहास

6 years ago

ऐसी तस्वीर जिसको देखते ही हर देखने वाले की जुबान पर इस जिले का नाम आ जाये तो वह तस्वीर…

हरेला पर हो हल्ला नहीं, रोपें संस्कारों के बीज

6 years ago

जी रया, जाग रया, यो दिन यो मासन भेटनै रया ... सिर पर हरेला (हरे तिनके) रखते हुए इन आशीर्वाद…

पहाड़ियों का साल का पहला त्यौहार है हरेला

6 years ago

अभी दस पन्द्रह साल पुरानी ही बात होगी सरकारी अन्तर्देशी पत्र में मोहरों के साथ हल्का टीका लगा रहता और…

केदारनाद की टोकरी से हरेले का एक गीत

6 years ago

पिछले कुछ सालों से उत्तराखण्ड के युवाओं द्वारा लोक संगीत को नए कलेवर में पेश करने का चलन देखने में…