इस बार नहीं आयी भिटौली

6 years ago

जो भागी जियाला ईजू नौ रितु सुण ल वे गयो रे मनखा ईजु काँ रितु सुणौ ल वे जब ये…

आज होती सीमांत की अनोखी बिच्छू घास लगाने वाली बैशाखी

6 years ago

ले गुड़ खा, साल भर सांप-कीड़े नहीं दिखेंगे कहकर सुबह ही ईजा देशान* में गुड़ दे दिया करती थी और…

क्या तराई में कभी जैविक हथियारों के लिए कच्चा माल तैयार किया गया था

6 years ago

कोरोना या कोविड-19 वायरस के प्राकृतिक रूप से पैदा होने या उसके किसी प्रयोगशालामें विकसित हैने के विवाद के बीच…

यायावर-लेखक-चित्रकार जयदीप जिनकी प्रेरणा थी पहाड़ की घसेरियां

6 years ago

ईको-टूरिज़्म का स्वप्नद्रष्टा यायावर-लेखक-चित्रकार था जयदीप यायावरी-घुमक्कड़ी का शौक़ कई लोगों को होता है और लेखन प्रतिभा सम्पन्न भी असंख्य…

लॉकडाउन में कहीं आपकी सकारात्मकता दांव पर न लग जाये

6 years ago

देश के विभिन्न सूबे सहित उत्तराखंड इन दिनों कोरोना की काली छाया से बचे रहने के लिए लॉकडाउन का पालन…

लाड़ से भरे बचपन के गीतों की किताब : घुघूति बासूति

6 years ago

घुघूति बासूतीआमा कां छ?खेत में छ.कि करन रे छ?(Ghughuti Basuti Uttarakhand Children Songs) दुनिया के किसी भी कोने में जब…

आखिरी गाँव में जबरदस्त जीवट की अकेली अम्मा

6 years ago

धरती गोल है और गोले में कोई बिंदु आखिरी नहीं होता. अक्सर आखिरी पहला हो जाता है. हिमालय की घाटियों…

आपदा की पहली मार पर्यटन को

6 years ago

किसी भी मानव जनित या प्राकृतिक आपदा का खामियाजा सबसे पहले पर्यटन क्षेत्र को ही भुगतना पड़ता है. 2001 में…

आज का अल्मोड़ा देख सुमित्रानंदन पन्त नहीं लिख पाते : यह है अल्मोड़े का बसंत

6 years ago

लो चित्र शलभ सी पंख खोल, उड़ने को है कुसमित धाती.यह है अल्मोड़े का बसंत,  खिल उठी निखिल पर्वत घाटी.…

इटली के रोम में पहाड़ की लड़की

6 years ago

रोम पहुंचते ही सबसे पहली बात ये पता लगी कि यहाँ के लोगों के लिए ये ‘रोमा’ है. एयरपोर्ट से…