छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : दिशाएं देखो रंग भरी, चमक भरी उमंग भरी

2 years ago

पिछली कड़ी : छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : दिल के चमन को खिलाता है कोई छिपला जाने के लिए बरम वाला रास्ता…

स्याल्दे कौतिक की रंगत : फोटो निबंध

2 years ago

ओ भीना कसी के जानू द्वारहाटा, हिट साई कौतिक जानू द्वारहाटा... उत्तराखण्ड के रहने वाले लोगों ने और ख़ासकर अल्मोड़ा…

कहानी: सूरज के डूबने से पहले

2 years ago

-धर्मपाल सिंह रावत "जरा सांस ले ले. बस थोडा और रह गया है, आ गई तैल्या की धार, वहाँ  टावर…

कहानी: माँ पेड़ से ज़्यादा मज़बूत होती है

2 years ago

कहानियों का नदी की तरह कोई मुहाना नहीं होता ना ही सितारों की तरह उनका कोई आसमान. एक सजग दृष्टि…

कहानी: कलकत्ते में एक रात

2 years ago

-आचार्य चतुरसेन शास्त्री कलकत्ता जाने का मेरा पहला ही मौका था. मैं संध्या-समय वहां पहुंचा, और हरीसन रोड पर एक…

“जलवायु संकट सांस्कृतिक संकट है” अमिताव घोष

2 years ago

2024 का लब्ध प्रतिष्ठित "इरेमस" पुरस्कार प्रख्यात रचनाकार अमिताव घोष को प्रदान किया गया है. यह इस सन्दर्भ में अत्यंत…

होली में पहाड़ी आमाओं का जोश देखने लायक होता है

2 years ago

होली के त्यौहार को कुमाऊँ में अलग अलग अन्दाज़ में मनाया जा रहा है. बैठकी होली का दौर तो चलता…

पहाड़ की होली और होल्यारों की रंग भरी यादें

2 years ago

पहाड़ की होली और होल्यारों की यादो का रंगीन पिटारा जहा भी खुले शमां रंगमस्त हो जाता है. कभी वक्त…

नैनीताल ने मुझे मेरी डायरी के सबसे यादगार किस्से दिए

2 years ago

आज जब एक साल बाद नैनीताल आई, तो लगा जो भी यहाँ से लेकर गई हूँ, सारी अच्छी-बुरी यादें, खट्टे-मीठे…

कहानी : साहब बहुत साहसी थे

2 years ago

आज शेविंग करते  हुए ना जाने ध्यान  बंट गया या  फिर वही जल्दबाजी  हुई कि गाल में एक बड़ा सा…