पतंग लूटना कला भी है और विज्ञान भी

7 years ago

ये पूरा कार्य किसी फ़ौज के अभियान से कम नहीं होता. वही पदसोपान, वही अनुशासन,वही रणनीति, वही जोश और वही…

विक्रम : देहरादून में आम आदमी की लाइफ लाइन

7 years ago

फेसबुक से जुड़ा एक युवा मित्र बीते दिसम्बर में मैसेज कर देहरादून में अपने परीक्षा केंद्र की लोकेशन और पहुँचने…

हल्द्वानी के पुराने डाक्टरों ने अपना पेशा बड़ी ईमानदारी से निभाया

7 years ago

वर्तमान में हल्द्वानी नगर में बड़े अस्पतालों की संख्या गिनती से बाहर हो गई है. एक से एक काबिल डॉक्टर…

बिना आवाज किये देर तक सिर्फ बच्चे ही हंस सकते हैं

7 years ago

4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – 40  (Column by Gayatree arya 40) पिछली किस्त का लिंक:  युद्ध की…

उत्तरायण होते ही बच्चे मांझा सूतना शुरू कर देते

7 years ago

सदियों से इंसान के मन में मुक्त नीले आकाश में उड़ने की चाह बनी रही. पतंगबाजी ने उसकी इस उदात्त इच्छा को…

बागेश्वर उत्तरायणी मेले में इस वक्त निकल रही झांकियों की तस्वीरें

7 years ago

उत्तराखण्ड के बागेश्वर में लगने वाला उत्तरायणी मेला ऐतिहासिक महत्व रखता है. (Uttarayani Mela Bageshwar 2020) पुराने समय में यह…

ताऊ जी का व्यक्तित्व इलाके में किंवदंती था

7 years ago

कुछ लोग बड़े करिश्माई व्यक्तित्व के होते हैं. जटिल से जटिल परिस्थिति में भी सटीक समाधान देते हैं. समाज से…

काले कव्वा : एक दिन की बादशाहत

7 years ago

मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले ‘घुघते’ आदि पकवान बनाकर दूसरी सुबह बच्चों के द्वारा कव्वों को खिलाये जाते…

वो मेरा ‘काटो तो खून नहीं’ मुहावरे से जिंदा गुजर जाना

7 years ago

पहाड़ और मेरा जीवन – 64 (पिछली क़िस्त:  सुंदर लाल बहुगुणा से जब मिला मुझे तीन पन्ने का ऑटोग्राफ )…

पहाड़ से आये लोग हल्द्वानी में सम्पन्न घरों के बजाय आम घरों में मेहमान बनना पसंद करते थे

7 years ago

सन 80 से पहले पहाड़ी क्षेत्रों को मैदानी क्षेत्रों से जोड़ने वाली यातातया व्यवस्था वर्तमान के मुकाबले बहुत ही कम…