मीना कुमारी और मधुबाला के ग्लैमर में खो गई पुष्पा दीदी

7 years ago

एक थी पुष्पा दीदी यह विशेषता बुआ जी के परिवार की ही नहीं, उस दौर में लगभग सार मध्यवर्गीय परिवारों…

उत्तराखण्ड का लुप्तप्रायः वाद्य बिणाई

7 years ago

लोक संगीत व लोक वाद्य Read the post in English लोक संगीत किसी भी स्थान विशेष के लोक की संगीतमय…

Interview with Uttarakhand Film Director Pushpa Rawat

7 years ago

She looks like an average mountain girl when you meet her for the first time. Her initial conversation would be…

उत्तराखण्ड मूल की फिल्म निर्देशिका पुष्पा रावत का इंटरव्यू

7 years ago

पहली बार उस लड़की से मिलिए तो उसमें आपको एक निहायत भोली और ठेठ पहाड़ी लड़की नज़र आएगी. सादगी से…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 91

7 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

पेड़ों के तने मेरी किताब के पन्ने हैं – वृक्ष मानव सकलानी

7 years ago

वृक्ष मानव का निधन विश्वेश्वर दत्त सकलानी ने आठ साल की उम्र में अपने जीवन का पहला पौधा लगाया था. 96…

पचास लाख पेड़ लगाने वाले मसीहा का जाना

7 years ago

कल यानी बीते शुक्रवार को उत्तराखंड के ‘वृक्ष मानव’ (Tree Man) के नाम से विख्यात श्री विश्वेश्वर दत्त सकलानी (Vishweshwar…

“हाँ साहब! वह पैठी है मन के भीतर” – गोपाल राम टेलर से महान लोकगायक तक गोपीदास का सफ़र

7 years ago

1900-1902 के बीच कोसी नदी से सटे हुये गांव सकार में ‘दास’ घराने के एक हरिजन टेलर मास्टर के घर…

मंटो क्यों लिखता था

7 years ago

आज मशहूर अफसानानिगार सआदत हसन मंटो (Manto)की बरसी है. इस मौके पर प्रस्तुत है अपने लेखन को लेकर उनका लिखा…

कविता: कवि-तान: कविता- न!: क-वितान

7 years ago

अंतर देस इ उर्फ़… शेष कुशल है! भाग – 16 अमित श्रीवास्तव (पिछली क़िस्त: तीसरी कसम उर्फ मारे गये चिलबिल)…