बिना दूल्हे वाली बारात की भी परम्परा थी हमारे पहाड़ों में

8 years ago

अक्सर हमें अपने बड़े-बूढ़ों से सुनने को मिलता है कि एक ज़माने में सैनिकों या किसी अन्य वजह से घर…

देश में बनी पहली गढ़वाली फिल्म थी ‘जग्वाल’

8 years ago

बृहस्पतिवार, 4 मई 1983 का दिन. दिल्ली का रफ़ी मार्ग सैकड़ों की भीड़ से अटा हुआ था. रफ़ी मार्ग में…

जौनसार बावर के लोक गायक और उनके गीतों की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता

8 years ago

इंटरनेट और सोशल मीडिया के अस्तित्व में आने के बाद से जौनसार बावर में गीत गाने वालों की बाढ़ सी…

पहाड़ी फौजी की कथा मारफ़त छप्पन ए. पी. ओ.

8 years ago

फ़ौज की मुश्किल नौकरी से छुट्टियों के लिए पहाड़ के घर लौट रहे एक मामूली सिपाही से अपनी कविता 'रामसिंह'…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 67

8 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

कुमाऊँ रेजीमेंट के सैनिक थे आजाद भारत के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ

8 years ago

उत्तराखण्ड पूरे देश-दुनिया में कई क्षेत्रों में अपने नागरिकों के कामों से भी पहचाना जाता है. कई सामाजिक क्षेत्रों में…

बावन सेज, तिरसठ आँगन, सत्तर ग्वालिन लूट लिए

8 years ago

साधो हम बासी उस देस के – 7 -ब्रजभूषण पाण्डेय (पिछली कड़ी : स्वस्थ बातचीत का वर्जित विषय ) साँकल…

बाबा आमटे : तेज रफ़्तार कार से नीली हवाई चप्पल तक

8 years ago

नागपुर की सड़क पर डबल कार्बोरेटर वाली कार जिसके गद्दों के कवर खुद शिकार किए गए जंगली जानवरों की खाल…

नैनीताल की पाषाण देवी

8 years ago

उत्तराखण्ड में शाक्त परम्परा की महाशक्तियों के पूजन की प्रथा बहुत पुरानी है. उत्तराखण्ड के जनमानस में सबसे बड़ा धार्मिक…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 66

8 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…