गंगा की धारा और लोगों की ज़िंदगियां

7 years ago

गंगा के उद्गम गोमुख और गंगोत्री से कुछ किलोमीटर नीचे उत्तरकाशी की तरफ़ यानी डाउनस्ट्रीम, तीन अहम जलबिजली परियोजनाएं थीं.…

उत्तराखण्ड में सावन में मनाया जाने वाला लोकपर्व बैसी

7 years ago

बैसी उत्तराखण्ड में सावन के महीने में 22 दिनों तक मनाया जाने वाला लोकपर्व है. यह त्यौहार खरीफ की फसल…

सियारों को जूठन में पलने का श्राप

7 years ago

कथाएं लगाने और सुनने सुनाने की कोइ उम्र नहीं होती. तो लीजिये मेरी कथा लगाने की, सुनने की कड़ी में…

उसका विवेक फांसी के लीवर की तरह होता है

7 years ago

हरीश चन्द्र पाण्डे की कविताएँ - 7 अस्सी के दशक में समकालीन कविता में जिन महत्वपूर्ण कवियों ने पहचान बनायी…

मैं ही मैं हूँ, मैं ही सूर्य हूँ, मैं ही मनु…

7 years ago

कॉलेज के दिन थे. रंगीन रुमाल मे इत्र के फाहे रखने की उम्र थी. तो दूसरी तरफ परंपरा-विद्रोह की अवस्था.…

उत्तराखंड की पहली अद्भुत वीरांगना – जियारानी

7 years ago

संसाधनहीनता के कारण उत्तराखण्ड के नायक-नायिकाओं को वो स्थान नहीं मिल पाया; जिसके वे पात्र थे. इसमें इतिहासकारों की कंजूसी…

इतने विशाल हिंदी समाज में सिर्फ डेढ़ यार : आठवीं क़िस्त

7 years ago

असंख्य पाठ्यपुस्तकों के बीच अदृश्य हिंदी पाठक अगर आप देश-विदेशों में हिंदी पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या पर जायेंगे तो…

आसमानी बिजली और तूफ़ान की कहानी

7 years ago

अफ्रीकी लोक कथाएँ – 7 बहुत पहले आसमानी बिजली और तूफ़ान बाकी सारे लोगों के साथ यहीं धरती पर रहा…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 7

7 years ago

पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से…

कोई कह सकेगा उसे कि मुझे एक ऐसा क़लम लाकर दे दे

7 years ago

मुझे विश्‍वास होता जा रहा है कि इस श्राप का तोड़ जालंधर वाले बूढ़े के पास ही है ... .शाम…