पहाड़ और मेरा बचपन – 4

7 years ago

पिछली क़िस्त पहाड़ और मेरा बचपन – 3 गांव की और भी कई धुंधली यादें हैं. मसलन यह कि मैं…

कभी झूठ न बोलने वाले मोहम्मद की कहानी

7 years ago

अफ्रीकी लोक-कथाएँ : 1 बहुत पुरानी बात है मोहम्मद नाम का एक अक्लमंद इंसान था. वह कभी झूठ नहीं बोलता…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 1

7 years ago

पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से…

मेनस्ट्रीम सिनेमा का काम हमारी सामाजिक नींद को बरक़रार रखना है

7 years ago

डॉक्टर मोहन अगाशे एक कुशल अभिनेता हैं और साथ ही साथ मनोचिकित्सक भी. पूना में रहते हैं. 71 साल की…

लोक कथा : ब्यौला मर जायेगा पर गांठा नहीं टूटेगा

7 years ago

छोटी दादी रंगत में थी बोली आओ रै छोरों आज तुम्हे ऐसे बामण की कथा लगाउंगी जो न्यूत के बुलाया…

“साब सीएम तो तिवारीजी ही थे”

7 years ago

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, आंध्रप्रदेश के पूर्व राज्यपाल और पूर्व केंद्रीय वित्त और विदेश मंत्री नारायण दत्त तिवारी नहीं रहे.…

गुर्जी अगर सँभलोगे नहीं तो ऐसे गिर पड़ोगे – हलवाहे राम और लेक्चरार साब की नशीली दास्तान

7 years ago

दोनों में अटूट दोस्ती थी. कुछ ऐसी कि, लंबे समय तक इस दोस्ती ने खूब सुर्खियाँ बटोरी. दोनों के घर…

आजाद हिन्द फौज में उत्तराखण्ड का भी बड़ा योगदान था

7 years ago

21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने आज़ाद हिन्द सरकार का गठन किया था. इस सरकार की स्थापना…

इतने विशाल हिंदी समाज में सिर्फ डेढ़ यार : सातवीं क़िस्त

7 years ago

हिंदी में लुगदी, पेशेवर और श्रेष्ठ साहित्य का विभाजन   थोड़ा-सा चर्चित हो जाने के बाद हिंदी का लेखक बहुत…

अल्मोड़े के हुक्का क्लब की रामलीला – फोटो निबन्ध

7 years ago

हुक्का क्लब 1930 से प्रतिवर्ष अल्मोड़ा में रामलीला का आयोजन करता आ रहा है. इस विश्व प्रसिद्ध रामलीला के 2018…