परीक्षा माने – ‘पर इच्छा’

7 years ago

दो दोस्त थे. दोनों में काफी घनिष्ठता थी. दाँत काटी दोस्ती समझ लीजिए. ये बात, इस नजरिए से बखूबी साबित…

राज्यसभा टीवी की प्यार भरी ‘गुफ़्तगू’ के 300 एपीसोड पूरे

7 years ago

जिस दौर में टी.वी.चैनलों का मतलब ही शोर और हुल्लड़बाज़ी हो गया हो, ‘गुफ़्तगू’ के 300 एपीसोड पूरा होना एक…

ट्रेल पास अभियान भाग – 2

7 years ago

पिछली कड़ी पहली जून 1994 को जब अस्कोट-आराकोट अभियान दल मुनस्यारी पहुंचा, दल के अधिकांश सदस्य मेरे पूर्व परिचित मित्र…

इतने विशाल हिंदी समाज में सिर्फ डेढ़ यार : छठी क़िस्त

7 years ago

फूलन और मनोहरश्याम की जुबान के बगैर कोई लेखक बन ही कैसे सकता है जैसे पराई धरती पर पौधा नहीं…

रामलीला पर्वतीय जनजीवन की ‘लाइफ-लाइन’

7 years ago

रामलीला भारतीय जनमानस की एक ऐसी तस्वीर है, जिसमें कोई भी भारतीय अछूता नहीं है. राम ऐसे जननायक थे कि…

माफ़ करना हे पिता – 5

7 years ago

(पिछली क़िस्त: माफ़ करना हे पिता - 4) माँ की मौत के साल बीतते-बीतते पिता जब्त नहीं कर पाये और…

स्वतंत्रता आन्दोलन में उत्तराखण्ड की महिलाएं भाग – 3

7 years ago

पिछला भाग जागृत महिला समाज के इन प्रयत्नों के फलस्वरूप ही कुछ समय के लिए पौड़ी व नन्दप्रयाग में महिलाओं…

विचारोत्तेजक सवाल छोड़ती जाती है ‘सन ऑफ मंजीत सिंह’ फिल्म

7 years ago

लगता है कि अच्छी फिल्मों का दौर फिर से लौट आया है. बॉलीवुड में तो अच्छी - अर्थपूर्ण फिल्में बन…

रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 5

7 years ago

(पिछली क़िस्त का लिंक - रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा - 4) सुबह उजाला हुआ तो मैं बाहर…

रंग उसे बीजगणित की जटिल वीथियों में ले जाते थे

7 years ago

मून फ्लोरिस्ट वो जब भी इस दुकान के आगे से गुज़रता, हल्का सा ठिठक जाता.. . और सोचने लगता कि…