श्रीमान ‘अ’ की विदा

7 years ago

श्रीमान 'अ' इन दिनों काफी मुश्किल में रहते हैं. उनकी कोई सुनता ही नहीं. सब उन्हें डांट देते हैं. श्रीमान…

सांप के बांये कान के नीचे का माल उर्फ़ एक टिपिकल हल्द्वानवी फसक

7 years ago

सीसमहल में रहने वाले गट्टू भाई हद दर्जे के गपोड़ी हैं. और मुझे उनका साथ अच्छा लगता है. दारू पीते…

खटारा मारुति में पूना से बागेश्वर 2

7 years ago

(पिछ्ला हिस्सा: खटारा मारुति में पूना से बागेश्वर - 1) चौबे जी के ससुराल वाले मूल रूप से बागेश्वर के…

कुमाऊं में मंदिरों के शिखर

7 years ago

पिढ़ा शब्द हिंदी भाषी क्षेत्रों का एक चिर परिचित शब्द है. लकड़ी का बना पटला, जिसे प्रायः भोजन करते समय…

अलीबाबा और चालीस चोर में एक चोर थे महबूब खां

7 years ago

1939 में महबूब खां को अरेबियन नाइट्स की मशहूर कहानी पर आधारित अलीबाबा फिल्म का निर्देशन सौंपा गया. वह अपनी…

जब तक ऐक्‍सीडेण्‍ट न हो, हमें जागते रहना है

7 years ago

रेल यात्रा -शरद जोशी रेल विभाग के मंत्री कहते हैं कि भारतीय रेलें तेजी से प्रगति कर रही हैं. ठीक…

एक युवा कवि को पत्र – 2 – रेनर मारिया रिल्के

7 years ago

"एक युवा कवि को पत्र" महान जर्मन कवि रेनर मारिया रिल्के के लिखे दस ख़तों का संग्रह है. ये ख़त…

शेरदा अपनी जगह पर बने रहेंगे – अद्वितीय

7 years ago

पहली बार नैनीताल के एक शरदोत्सव में हुए कुमाऊंनी कवि सम्मलेन में शेरदा को कविता पढ़ते सुना. कुमाऊं के उस…

पहाड़ से भी विकराल है पूँजीपतियों की हवस

7 years ago

इट्स ऑसम... वैदर इज़ सो कूल... सनशाइन फील्स सो गुड... झुलसाती गरमी में जेब में पैसे हों तो पहाड़ पहुँचकर…

कलियों और फूलों की ख़ुशबुएँ : लीलाधर जगूड़ी की कविता

7 years ago

प्राचीन संस्कृति को अंतिम बुके पारंपरिक भारतीय कलियों और फूलों की ख़ुशबुएँ पांडवों की तरह स्वर्गारोहण की सदिच्छा से हिमालय…