शहरी संकटों की मांद में जच्चाघर

8 years ago

बीतती बारिश के दिनों में हम सामने पड़े खाली प्लॉट में कुत्तों को गदर मचाते देख रहे थे. प्लॉट में…

तुम प्रेम में इतने डरे डरे क्यों हो

8 years ago

तुम प्रेम में इतने डरे डरे क्यों हो ? … और इसके उत्तर में काफ़ी देर शून्य में ताकता रहा.…

गंगनाथ ज्यू की कथा

8 years ago

गंगनाथ ज्यू काली नदी के पार डोटीगढ़ के रहने वाले थे. कांकुर उन की राजधानी थी. उनके पास डोटीगढ़ की…

दिल्ली से तुंगनाथ वाया नागनाथ – 3

8 years ago

(पिछली क़िस्त – दिल्ली से तुंगनाथ वाया नागनाथ – 2) कहे अनुसार सुबह ठीक छह बजे परशु गिलास भर कर…

कुमाऊं के इतिहास का एक और विस्मृत पृष्ठ

8 years ago

नीलू कठायत 1410 का साल भारत में तुगलक साम्राज्य उत्कर्षा की चरम सीमा में पहुंचकर पत्नोन्मुख हो चुका था. फिरोजशाह…

मंटो क्यों लिखता था

8 years ago

मैं क्यों लिखता हूँ -सआदत हसन मंटो मैं क्यों लिखता हूँ? यह एक ऐसा सवाल है कि मैं क्यों खाता हूँ...…

शमशेर सिंह बिष्ट की कलम से उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन का एक जीवंत दस्तावेज

8 years ago

पर्वतसेनानी शमशेर सिंह बिष्ट ने यह लेख उत्तराखंड राज्य आन्दोलन के बीस वर्ष पूरे होने पर लिखा था. तब इसे…

भारत की पहली बोलती फिल्म

8 years ago

भारत की पहली बोलती फिल्म आलम आरा, जिसके निर्माता इंपीरियल मूवी टोन के आर्देशिर ईरानी थे, मुंबई के मैजेस्टिक थिएटर…

कविता : दिल्ली में अपना फ़्लैट बनवा लेने के बाद एक आदमी सोचता है

8 years ago

(विष्णु खरे - 1940 से 2018) दिल्ली में अपना फ़्लैट बनवा लेने के बाद एक आदमी सोचता है (कविता सुनें)…

पीरान कलियर का उत्तराखण्ड में राजनीतिक महत्त्व

8 years ago

प्रसिद्ध पीरान कलियर शरीफ 13 वीं शताब्दी के चिश्ती आदेश के सूफी संत साबिर कलियर की दरगाह है. यह हरिद्वार…