कुमाऊं की सबसे लोकप्रिय ‘लोककथा’

3 years ago

बड़ी पुरानी बात है. एक गांव में एक बुड्ढा और बुढ़िया रहा करते थे. ज़िन्दगी के तीन-तिहाई साथ बिताने के…

लोक कथा :  कुएं की परियां

3 years ago

एक गांव में एक सुस्त और कामचोर आदमी रहता था. काम-धाम तो वह कोई करता न था, हां बातें बनाने…

लोककला पर मोहन उप्रेती का एक महत्वपूर्ण लेख

3 years ago

विगत लगभग तीस-चालीस वर्षों से भारत के विद्वजनों का ध्यान लोक-परम्परा की ओर आकर्षित हुआ है, विशेषकर आज के तेजी…

उत्तराखण्ड में मृतात्माओं से जुड़े लोकविश्वास

3 years ago

उत्तराखण्ड अद्वितीय प्राकृतिक सुन्दरता और अनूठी लोकसंस्कृति से समृद्ध है. यहाँ के समाज में प्रचलित ढेरों किस्से-कहानियाँ मन को आनन्दित…

जैनेन्द्र कुमार की कहानी ‘पत्नी’

3 years ago

शहर के एक ओर तिरस्कृत मकान. दूसरा तल्ला, वहां चौके में एक स्त्री अंगीठी सामने लिए बैठी है. अंगीठी की…

कसार देवी: इतिहास, रहस्य और अफ़वाहें

3 years ago

ज़रा सोचिए, गुरुदत्त और पंडित रविशंकर टहलने निकले हों और उन्हें सामने से आते सुमित्रानंदन पंत नजर आ जाएँ जो…

विरासत में मिलने वाली लोक कला ‘ऐपण’

3 years ago

उत्तराखंडी लोक कला के विविध आयाम हैं. यहाँ की लोक कला को ऐपण कहा जाता है. यह अल्पना का ही…

नुक्कड़ नाटकों पर नटरंग

3 years ago

पिछले चार दशकों से कुछ अलग तरीके से सन्देश देते, जाग्रत से कुछ मुद्दे उठाए आम लोगों से सीधे जुड़ते,…

शैलेश मटियानी की कहानी ‘हारा हुआ’

3 years ago

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree आस-पास जुड़ आए औरत-मर्दों की उपस्थिति में ही…

वरिष्ठ राजनेता केदार सिंह फोनिया को विनम्र श्रद्धांजलि

3 years ago

‘‘.... मेरा जीवन संघर्षमय रहा. ऐसा नहीं है कि जीवन-यात्रा की शुरुआत के लिए मुझे किसी चीज की कमी रही…