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हिमांशु जोशी की कहानी ‘भगवान नहीं हैं’

भगवान नहीं है पावरोटी ! हां-हां पावरोटी चुराई थी उसने. सुना भाग रहा था. भागेगा नहीं तो क्या चोरी कर…

4 years ago

दुनिया में सबसे पहले चावल की खेती चूहे और चुहिया ने की: कुमाऊनी लोककथा

दुनिया में सबसे पहले धान खेती किसने की इस सवाल के हज़ारों जवाब मिलते हैं. इतिहास, विज्ञान, लोकमान्यताओं का ढेर…

4 years ago

‘उस्ताद अमानत हुसैन’ कुमाऊनी शास्त्रीय होली के जनक

इस बात में कोई दोराय नहीं है कि कुमाऊं क्षेत्र में का आगमन मथुरा के आस-पास के इलाकों से हुआ…

4 years ago

‘अभागी पत्नी’ कुमाऊनी लोककथा

एक गांव में एक व्यापारी अपनी दो पत्नियों के साथ रहता था. दोनों पत्नियाँ आपस में खूब झगड़ा करती थी…

4 years ago

शंखनाद से कम आध्यात्मिक नहीं हिमालयी मवेशियों के गले में बंधी तिब्बती घंटियों के सुर

हिमालयी चरवाहों के मवेशियों के गले में बंधी तिब्बती घंटियाँ और उनकी ध्वनि भी इन चरवाहों के जीवन की तरह…

4 years ago

उत्तराखण्ड में बनती हैं हॉलीवुड में इस्तेमाल होने वाली शानदार तलवारें

अमरीकी टीवी कार्यक्रम गेम ऑफ़ थ्रोंस दुनिया के लोकप्रिय टीवी कार्यक्रमों में शुमार है. जॉर्ज आर मार्टिन की किताब पर…

4 years ago

गांगी तैयार मझौल आगौ

गंगा गिरी और दीवान सिंह के माता-पिता ने निर्णय लिया कि बच्चों की पढ़ाई के लिए वो पहाड़ छोड़कर तराई-भाबर…

4 years ago

पहाड़ों में चीड़ के पेड़ को अपवित्र मानने के पीछे की लोककथा

एक बार भादौ के महीने में गौरी कैलाश से अपने मायके के लिये निकलती हैं और रास्ता भटक जाती हैं.…

4 years ago

शिवरात्रि के बाद कुमाऊं की होली में यौवन का रंग भरने लगता है

https://www.youtube.com/watch?v=E-rzeDDsiuI&list=PLyZyHtcUKK2UKKs3mnDI9845lwGVURGC4&index=5 कहते हैं शिवरात्रि के बाद कुमाऊं की होली में यौवन का रंग भरने लगता है. शिवरात्रि के दिन से…

4 years ago

मंत्र : मुंशी प्रेमचंद की कहानी

संध्या का समय था. डॉक्टर चड्ढा गोल्फ़ खेलने के लिए तैयार हो रहे थे. मोटर द्वार के सामने खड़ी थी…

4 years ago