Featured

नेहरू और पहाड़: ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ में हिमालय का दर्शन

हर साल 14 नवंबर देश में भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन बाल दिवस के रूप में…

4 months ago

साधारण जीवन जीने वाले लोग ही असाधारण उदाहरण बनते हैं : झंझावात

जीवन की सबसे गहरी कहानियाँ अकसर वो होती हैं जो शब्दों में नहीं, रिश्तों की गंध में बसती हैं. 'झंझावात'…

4 months ago

महान सिदुवा-बिदुवा और खैंट पर्वत की परियाँ

बहुत समय पहले तिब्बत में सोनपाल नाम का एक राजा राज करता था. उसकी सात बेटियाँ थीं, जिनमें सबसे बड़ी…

4 months ago

उत्तराखंड में वित्तीय अनुशासन की नई दिशा

उत्तराखंड जैसे संसाधन सीमित हिमालयी राज्य के लिए वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता केवल प्रशासनिक विषय नहीं बल्कि विकास का मूल…

4 months ago

राज्य की संस्कृति के ध्वजवाहक के रूप में महिलाओं का योगदान

“जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” हमारी भारतीय संस्कृति में माँ और जन्म भूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ माना गया है…

4 months ago

उत्तराखण्ड 25 वर्ष: उपलब्धियाँ और भविष्य की रूपरेखा

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और सामाजिक चिंतक प्रो. पी. सी. जोशी का यह कथन बेहद प्रासंगिक है कि ‘‘....यह स्वीकार करते हुए…

4 months ago

आजादी से पहले ही उठ चुकी थी अलग पर्वतीय राज्य की मांग

1857 में ईस्ट इंडिया कंपनी से भारत का शासन ब्रिटिश क्रॉउन में निहित होने के बाद, अंग्रेजों ने केंद्रीकृत व्यवस्था…

4 months ago

मां, हम हँस क्यों नहीं सकते?

"मां, मेरे लिए सुधा मूर्ति की बुक आर्डर कर दो" बेटी भीतर आते ही बोली. "कभी अपने स्कूल की किताबें…

4 months ago

कुमाउनी भाषा आर्य व अनार्य भाषाओं का मिश्रण मानी गई

कुमाउनी शब्द सम्पदा की विपुलता, विविधता और सामर्थ्य के प्रसंग में लब्ध प्रतिष्ठित भाषा शास्त्रियों का मत है कि कभी-कभी तो…

4 months ago

नीब करौरी धाम को क्यों कहते हैं ‘कैंची धाम’?

अगर आप कभी नैनीताल या अल्मोड़ा की तरफ़ यात्रा पर निकले हों तो रास्ते में “कैंची धाम” का नाम ज़रूर…

5 months ago