ब्रिटिश कुमाऊं में औषधीय खेती की शुरुआत
नौर्मन गिल ने बैलाडोना की खेती 1910 से ही शुरू कर दी थी. उस समय बैलाडोना का (एटरोपा बैलाडोना), की खेती, स्थानीय हकीम औषधि के लिये थे. इसके बीज को मई में बोने से जुलाई में 12 फीट ऊँचा पौधा मि... Read more
चौबटिया के ‘चहाबगिच’
अंग्रेजों को कुमाऊं और गढ़वाल की जलवायु, प्राकृतिक रचना, वनस्पति आदि अपने देश की जैसी लगी सो अंग्रेजों ने अपनी पलटन और उनके परिवारों के ग्रीष्मकालीन आवास हेतु स्थान चयन के लिए मेजर लेंग को क... Read more
‘ओखल’ पहाड़ के परिवारों का आधार
ओखव या ओखली पहाड़ के परिवारों का आधार है. धान कूटने का यह स्थान बेहद पवित्र माना जाता है. इसको नंग्याते यानी लांघते नहीं हैं. यहां पर धान कूटने के अलावा मडुवा भी कूटा जाता है जिसको मडू फवण क... Read more
प्रेमचंद की कहानी ‘जेल’
मृदुला मैजिस्ट्रेट के इजलास से जनाने जेल में वापस आयी, तो उसका मुख प्रसन्न था. बरी हो जोने की गुलाबी आशा उसके कपोलों पर चमक रही थी. उसे देखते ही राजनैतिक कैदियों के एक गिरोह ने घेर लिया ओर प... Read more
उत्तराखण्ड से जुड़ा एक मामला आजकल विभिन्न लॉ पोर्टलों के माध्यम से राज्य के सोशल मीडिया तक पहुंच चर्चा में बना हुआ है. उत्तर प्रदेश निवासी निशांत रोहल ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की... Read more
‘बेड़ू पाको बारामासा’ लोकगीत पर एक विमर्श
लोक के क्षितिज से उपजा और अन्तर्राष्ट्रीय फलक तक अपनी धमक पहुंचाने वाला कुमाऊॅ के सुपर-डूपर लोकगीत ‘बेड़ू पाको बारामासा’ से भला कौन अपरिचित है. गीत का मुखड़ा किसने लिखा और कब से यह लोकजीवन क... Read more
नैनीताल घूमने आयें तो इन जगहों पर जरूर जाएँ
कुमाऊँ क्षेत्र में नैनीताल जिले का विशेष महत्व है. देश के प्रमुख क्षेत्रों में नैनीताल की गणना होती है. यह ‘छखाता’ परगने में आता है. ‘छखाता’ नाम ‘षष्टिखात... Read more
उसकी स्मृति में यह बात अब तक गड़ी हुई है कि अपनी माँ की पहली संतान होने के कारण उसे तब तक घरवालों से अपने हक़ का वह स्नेह नहीं मिला जब तक कि उसके पीछे दो भाई और पैदा नहीं हो गए.(Sheetal Utta... Read more
बीती दोपहर 89 वर्ष की अवस्था में विश्वम्भर नाथ साह “सखा दाज्यू” ने अपनी अंतिम सांस ली. इसी के साथ पिछले 70 साल से नैनीताल के जीवन्त सांस्कृतिक इतिहास का एक अध्याय बंद हो गया. 193... Read more
अगर आप उत्तराखण्ड के पक्षियों के बारे में व्यापक जानकारी देने वाली किताब कि तलाश में हैं तो हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रकाशित यह किताब आपकी मंजिल हो सकती है. लीफ़बर्ड फ़ाउंडेशन द्वार... Read more



























