आज केदारनाथ धाम दर्शन की इच्छा रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को तीर्थ पुरोहितों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा. देवस्थानम बोर्ड के मामले में आक्रोशित तीर्थ पुरोहितों ने त्... Read more
लालमणि-खीमदेव की फर्म तम्बाकू के लिए प्रसिद्ध थी
पहाड़ की प्रमुख मंडी हल्द्वानी के आबाद होने की कहानी बहुत रोचक है. इसका वर्तमान चाहे कितना ही स्वार्थी हो गया हो इसका भूतकाल बहुत ईमानदार और विश्वास पर आधारित था. मूल रूप से रानीखेत के रहने... Read more
ऊदा देवी पासी : 1857 के ग़दर की नायिका
‘बाबुल मोरा नैहर छूटो जाए’ जैसी कालजयी ठुमरी रचने वाले अवध के नवाब वाजिद अली शाह ने लखनऊ में गोमती किनारे ग्रीष्मकालीन आवास के तौर पर सिकन्दर बाग़ का निर्माण करवाया. बाग़ का नाम उनकी प्रिय बेग़... Read more
उत्तराखण्ड मूल की भारतीय टीम की स्टार हॉकी प्लेयर वंदना कटारिया देश का प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. वंदना को यह सम्मान ओलम्पिक खेलों में उनके शानदार ऐतिहासिक... Read more
पिथौरागढ़ के बच्चों और युवाओं ने मिलकर बनाई पारम्परिक ऐपण वाली दिवाली लाइट्स
हरेला सोसायटी अपने नये-नये प्रयोगों के लिये बेहद लोकप्रिय है. हरेला सोसायटी का अपसाइल्किलिंग का काम पिछले कुछ वर्षों से बेहद सराहा गया है. ‘जुगनू लाईट’ ऐसा ही एक प्रोडक्ट है जो पिछले तीन साल... Read more
करीब एक पखवाड़े पहले मेरे गाँव के नौजवानों ने व्हाट्सएप्प पर एक ग्रुप शुरू किया, ‘छानागाँव की रियासत’. इसमें नयी उमर के लड़के भी शामिल थे, इसलिए शीर्षक देखकर ही मैं स्वाभाविक रूप से एक सदी प... Read more
‘सिल्वर वेडिंग’ मनोहर श्याम जोशी की कालजयी कहानी
जब सेक्शन ऑफीसर वाई․डी․ (यशोधर) पन्त ने आखि़री फ़ाइल का लाल फ़ीता बाँध कर निगाह मेज़ से उठायी तब दफ़्तर की पुरानी दीवार घड़ी पाँच बजकर पच्चीस मिनट बजा रही थी. उनकी अपनी कलाई घड़ी में साढ... Read more
आज कुमाऊं टाइगर ‘मदन मोहन उपाध्याय’ का जन्मदिन है
25 अक्टूबर 1910 को को मथुरा दत्त उपाध्याय का जन्म ग्राम बमनपुरी द्वाराहाट जनपद अल्मोड़ा में हुआ. हमारा बचपन पंडित जीवानंद उपाध्याय के सातवें पुत्र मथुरा दत्त उपाध्याय के चातुर्य और अदम... Read more
थोड़ा धीमा दौड़ो, तो थोड़ा लंबा जाओगे
मैं पिछले दस साल से मैराथन दौड़ रहा हूं. मैंने यह शुरुआत जनवरी, 2012 में स्टैंडर्ड चार्टर्ड मुंबई मैराथन कहलाने वाली फुल मैराथन से की थी. मैराथन दौड़ने की जहां तक बात है, तो ज्यादातर होता यह... Read more
कहानी : बयान इक़बालिया
‘इसे क्या हुआ है इतना गुमसुम क्यों है’ चौकी इंचार्ज साहब ने दस मिनट बाद ही पूछ लिया. (Bayan Iqbaliya) ‘सर जबसे चीला बैराज से लौटा है… दो घण्टे से ऐसे ही बैठा है.... Read more



























