पहाड़ों में नवरात्र के दिनों की यादें
सरादों के बाद नवरात्र शुरु हो जाते हैं. इन दिनों असोज का काम यानि फसल समेटने का काम कुछ कम हो जाता है लोग उत्सव के मूड में आ जाते हैं. नई फसल भी हुई रहती है और नवरात्र के बहाने अपने ईष्टदेव... Read more
कहानी : बीस साल बाद
-ओ हेनरी एक पुलिस अधिकारी बड़ी फुर्ती से सड़क पर गश्त लगा रहा था. रात के अभी मुश्किल से 10 बजे थे, लेकिन हलकी-हलकी बारिश तथा ठंडी हवा के कारण सड़क पर बहुत कम आदमी नजर आ रहे थे. सड़क के एक छ... Read more
ईदगाह : मुंशी प्रेमचंद की यादगार कहानी
1 रमजान के पूरे तीस रोजों के बाद ईद आयी है. कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है. वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है, आसमान पर कुछ अजीब लालिमा है. आज का सूर्य देखो, कितना... Read more
अनुपमा का प्रेम
ग्यारह वर्ष की आयु से ही अनुपमा उपन्यास पढ़-पढ़कर मष्तिष्क को एकदम बिगाड़ बैठी थी. वह समझती थी, मनुष्य के हृदय में जितना प्रेम, जितनी माधुरी, जितनी शोभा, जितना सौंदर्य, जितनी तृष्णा है, सब छ... Read more
कहानी : कोतवाल का हुक्का
आज सुबह तीन पानी के पास उस फ़कीर की लाश मिली थी. कुछ दिन से शहर में एक फ़कीर को देखा जा रहा था. फ़कीर क्या, लोग तो उसे पागल समझ रहे थे. वो तो उसने जब, यूं ही बेवजह आँखें नहीं झपकाईं, किसी की... Read more
नैनीताल के डुट्याल व उनसे जुड़े रोचक किस्से
डुट्याव या डुट्याल शब्द जेहन में आते ही एक बेवकूफ, बेशऊर, बदनुमा से इन्सान का चित्र उभरता है- पसीने से तर-बतर, बोझ तले दबे अंगुलियों के पोरों से माथे के पसीने को झाड़ता, चूड़ीदार पैजामा, लम्... Read more
कोसी नदी के शांत और दिलकश तट पर स्थित है गिरिराज हिमालय की पुत्री ‘गर्जिया’ का पावन स्थल. ढिकुली और सुंदरखाल गांव के पास गर्जिया मंदिर की खूब मान्यता है. नवरात्रों में यहां गर्जिया मां के द... Read more
हमारे दिमाग़ पर फेसबुक का अनधिकृत कब्जा
हाल ही में फेसबुक और उसकी संतानें, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम, रात करीब 6 घंटे तक बंद रहे. इन सोशल मीडिया एप्स के करीब 3 अरब यूजर्स इस बंद से प्रभावित हुए. इस मौके पर हमें भी कुछ देर ये सोचने... Read more
भारत की अंडर 19 टीम को 2012 में विश्व विजेता बनाने वाले टीम के कप्तान उन्मुक्त चंद, जो कि मूल रूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के रहने वाले हैं, भारत में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से... Read more
आज बोया जाता है ‘हरेला’
हरेला, उत्तराखंड का एक लोकप्रिय त्यौहार है. उत्तराखंड में हरेला साल में तीन बार मनाया जाने वाला प्रकृति से जुड़ा एक लोकपर्व है. हरेला पर्व उत्तराखंड के लोगों का प्रकृति से जुड़ाव दिखाता है.(... Read more



























