सीमांत हिमालय के अनवाल
गोरा रंग पीला पड़ा हुआ. धूप में तपा भी, ठंड से सिकुड़ा भी. हवा के थपेड़ों से सिर में भूरे बाल आपस में उलझे. छोटी तिरछी भूरी आँखें हैं.उभरी हुई दिखती भूरी पलकें. चौड़ाई लिया माथा जिन पर कई लक... Read more
आज मैं आपके साथ ऐसा वाकया साझा कर रहा हूँ जिसके बाद भगवान के प्रति मेरी आस्था को और बल मिला. इस दिन मुझे किस्से-कहानियों में सुनी बातों को अपनी आँखों के सामने चरिथार्थ होते हुए देखने का मौक़... Read more
सिंगड़ुवा तु बता धैं!
सुराव (पैजामे) के अंदर पैंट की तरह कुर्ता खोसना और पैजामे का नाड़ा नब्बे डिग्री पर बाहर झूलता छोड़ देना उनके पहनावे की विशिष्ट पहचान थी. क्लास में इंट्री के समय एक हाथ में पय की पतली टहनी का... Read more
आज इंटरनेट पर उत्तराखंड की जानकारी से जुड़े सैकड़ों पोर्टल हैं. इन सभी पोर्टल में सबसे पुराने और विश्वसनीय पोर्टल का नाम ‘मेरा पहाड़ डॉट कॉम‘. एक दशक से अधिक समय से चल रहे इस पोर... Read more
पहाड़ की एक माई जो नशे के कारोबार को मिट्टी तेल से स्वाहा कर कहलाई ‘टिंचरी माई’
उत्तराखंड में नशे का कारोबार हमेशा से एक चुनौती रही है. पहाड़ों में ऐसा कोई गांव न होगा जहां नशे के कारण बरबाद एक परिवार न हो. पहाड़ों में नशे के विरोध में सबसे अधिक संघर्ष किसी ने किया है त... Read more
अपनी बोली के शब्दों को पीछे धकेलते पहाड़ी
अपनी पृथक पहचान के लिए सृजित पृथक उत्तराखण्ड राज्य के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले पहाड़ी जनमानस में आज स्वाभाविक प्रश्न उठ रहा है कि क्या मात्र प्रशासनिक एंव विधायी शक्तियों के विकेन... Read more
कुमाऊं विश्वविद्यालय बनाने के लिये पहाड़ के लोगों ने पुलिस की गोलियां तक खाई हैं
पूरे पहाड़ में एक आन्दोलन चला जिसका नाम था “कुमाऊं-गढ़वाल विश्वविद्यालय बनाओ आन्दोलन”. उत्तराखंड के पहाड़ों में कालेज पढ़ने वाले बच्चों को अपनी मार्कशीट में सुधार से लेकर बैक पेपर, डिग्री ला... Read more
अल्मोड़ा की जादुई सुबह: फोटो निबंध
संस्कृति और सभ्यता की एक ख़ास खुशबू में लिपटे अल्मोड़ा को और ख़ास बना देती है उसकी भौगोलिक स्थिति. कोसी और सुयाल नदी के बीच बसा अल्मोड़ा, कुमाऊं हिमालय की दक्षिणी चोटी के दोनों ओर बसा है. अल... Read more
कुमाऊं में है कत्यूर कालीन ‘आदि बदरीनाथ’ का मंदिर
यह सुनने और पढ़ने में जरुर अटपटा है पर हकीकत यह है कि मूल बदरीनाथ गढ़वाल के अंश कुमाऊं में भी मौजूद हैं. रानीखेत तहसील से लगभग 25 किमी दूर कुंवाली गांव में कत्यूरकालीन आदि बदरीनाथ का मंदिर ह... Read more
उत्तराखंड में हनुमान जी की जन्मस्थली
देहरादून में शिवालिक पहाड़ी की उत्तरी ढलान पर चन्द्रबनी नाम का गांव है. पौराणिक कथाओं के अनुसार चन्द्रबनी के आसपास ही महर्षि गौतम और उनकी पुत्री अंजनी रहते थे. स्थानीय लोगों का मानना है कि य... Read more



























