पिथौरागढ़ में मिशनरी का इतिहास
एक सौ पचास साल हो चुके हैं जब पिथौरागढ़ के सिलथाम में एक प्राथमिक स्कूल खुला था और उसमें सिर्फ एक बच्ची का प्रवेश हुआ था. लड़कियों की पढ़ाई लिखाई की यह शुरुवात थी.एक ऐसी लहर जो सोर घाटी में... Read more
हाल ही में ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म एमएक्स प्लेयर में नयी मूवी रिलीज हुई है. पौराणिक कथाओं पर आधारित इस फिल्म का नाम है ‘कर्मा.’ फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया है. फिल्म 4 किरदारों के इर्द-गिर्... Read more
कलुवावीर : उत्तराखण्ड के लोकदेवता
कलुवा शायद एक नागपंथी सिद्ध था. अपनी सिद्धियों की वजह से ही उसने इस पंथ में अपनी ख़ास जगह बना ली थी. कलुवावीर के बारे में कुमाऊँ और गढ़वाल मंडलों में अलग-अलग जनश्रुतियां चलन में हैं. (Kalwav... Read more
वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने साझा की पिथौरागढ़ जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था
वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने अपनी फेसबुक वाल पर एक पोस्ट शेयर की है. पोस्ट उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी है. यह पोस्ट रवीश कुमार की वाल से उनकी अनुमति से साझ... Read more
आपकी आत्मा को प्रकृति से जोड़ देता है कौसानी
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में है अल्मोड़ा जिला. इस जिले में कई सुन्दर पर्यटन स्थल हैं. इनमें सबसे ज्यादा लोकप्रिय है कौसानी. जिन भी सैलानियों को पहाड़ में शहर की तड़क-भड़क और सुख-सुविधाओं के... Read more
रुद्रप्रयाग जिले के केदारखंड में मां मंदाकिनी के तट पर स्थित सिद्धपीठ कालीमठ मंदिर में कुछ समय पूर्व तक मन्नतें पूरी होने पर लोग बड़ी संख्या में जानवरों की बलि देते थे. जिसमें बकरी और भैंसा... Read more
21वीं सदी को भले ही हम तरक्की और विज्ञान का युग कहते हों, लेकिन ज़मीनीं हक़ीक़त यही है कि आज भी समाज में अमीरी-गरीबी, ऊंच-नीच, शहरी-ग्रामीण और यहां तक कि महिला और पुरुष के बीच भी गहरा भेदभाव... Read more
नैनीताल शहर की आत्मा नैनी झील को देखते हुए ये ख्याल आना लाज़िमी है कि काश यहां तैरती हाउस बोट में रात गुजारने का मौका होता. या कम-से-कम झील के बीचोंबीच तैरते रेस्टोरेंट में जायकेदार खाने का ल... Read more
गढ़वाल के बुग्याल
‘नंदादेवी का सफल आरोहण’ के लेखक पर्वतारोही टी. जी. लांगस्टाफ उत्तराखंड हिमालय से सम्मोहित अभिभूत व रोमांचित रहे. इस सुरम्य अल्पाइन भू भाग के भ्रमण व कई यात्राओं से मुग्ध हो उन्हो... Read more
अयोध्या का प्रश्न विधानसभा में 31 अगस्त, 1950 में उठा. इसमें मुख्य मुद्दे ज़िले का सांप्रदायिक वातावरण, 6 सितंबर 1950 को अक्षय ब्रह्मचारी का प्रस्तावित अनशन तथा 14 सितंबर, 1950 को अयोध्या मे... Read more



























