देवभूमि की कथा वाचिका ज्योत्सना पांडे
मेरा नाम हिमसुता ज्योत्सना पांडे है. मैं उत्तराखंड के एक छोटे से गांव, जिसे कस्बा भी कह सकते हैं, ताड़ीखेत से हूं. यहां मैंने प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की, तत्पश्चात मेरा खेलों की तरफ काफी रुझान... Read more
आमा के जीवन की यादें मेरे लिए कहानी बन जाती थी
वे घुमंतु नहीं थे और न ही बंजारे ही थे. वे तो निरपट पहाड़ी थे. मोटर तो तब उधर आती-जाती ही नहीं थी. हालांकि बाद में 1920 के आसपास मोटर आने लगी लेकिन शुरूवात में अधिकतर जनसामान्य मोटर को... Read more
कटी पतंग, राम तेरी गंगा मैली, रहना है तेरे दिल में, पान सिंह तोमर, विवाह, लक्ष्य, कोई मिल गया और न जाने कितनी ही फिल्मों की शूटिंग उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में हुई है. उत्तराखंड के सभी इल... Read more
पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र में आदमखोर गुलदार ने तीन साल के बच्चे को घर के आंगन से ही उठा लिया. घटना बीती रात की है. रात के करीबन नौ बजे कांडे किरोली क्षेत्र के मलेत गांव में गुलदार ने... Read more
सोलन जाएं तो लेपर्डस डेन में जरूर रुकें
लेपर्डस डेन हिमाचल राज्य के जिला सोलन स्थित राजगढ़ में एक रिसॉर्ट का नाम है. आप सोच रहे होंगे कि आजकल रिसॉर्ट होटलों की कमी तो कहीं भी नहीं है. लेकिन ये जगह कुछ अलग है. क्योंकि यहां आप घूमने... Read more
कहीं करती होगी वो मेरा इंतज़ार,
कहीं करती होगी वो मेरा इंतज़ार, जिसकी तमन्ना मे फिरता हूँ बेकरार कहीं करती होगी वो मेरा इंतज़ार, जिसकी तमन्ना मे फिरता हूँ बेकरार दूर ज़ुल्फों की छाँव से, कहता हूँ ये हवाओं से उसी बुत की अदा... Read more
कुमाऊ के प्रवेशद्वार हल्द्वानी में विगत 137 वर्षों से लगातार मंचित होती आ रही दिन की रामलीला का शुभारंभ हो चुका है. यह कुमाऊ की एकमात्र दिन की पहली रामलीला भी है. जो कि 130 वर्षों से ज्यादा... Read more
पलायन का असर उत्तराखण्ड पंचायत चुनावों पर भी
पलायन का असर उत्तराखण्ड के ग्राम पंचायत चुनावों में साफ़ दिखाई दे रहा है. कई ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी तक नहीं मिल रहे हैं. दैनिक हिन्दुस्तान की रपट के आंकड़े चौंकान... Read more
खीम दा की खिमली और प्रधानी का चुनाव
उत्तराखंड में प्रधानी के चुनाव अब जाकर आए हैं लेकिन खीम दा को प्रधानी का बुखार पिछले साल से ही चढ़ने लगा था. वैसे तो खीम दा ने जिंदगी में कोई बड़ा तीर नही मारा ठैरा लेकिन लोगों द्वारा चने के... Read more
भगत सिंह (28 सितम्बर 1907 से 23 मार्च 1931) हाल ही की बात है, मेरा एक दोस्त दिल्ली से आया था. उसने शहर पहुंचने के बाद पता जानने के लिए मुझे फोन किया. उसने बताया कि वह चौराहे पर एक बड़े से बुत... Read more


























