प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी अल्मोड़ा में मुस्लिम समुदाय द्वारा ताजियों का निर्माण किया गया. लाला बाजार, भियारखोला, कचहरी बाजार, थाना बाजार, नियाजगंज की समितियों की ओर कलात्मक ताजियों का न... Read more
पितृपक्ष: वीरेन डंगवाल की कविता
पितृपक्ष -वीरेन डंगवालमैं आके नहीं बैठूंगा कौवा बनकर तुम्हारे छज्जे परपूड़ी और मीठे कद्दू की सब्ज़ी के लालच मेंटेरूँगा नहीं तुम्हेंन कुत्ता बनकर आऊँगा तुम्हारे द्वाररास्ते की ठिठकी हुई गायक... Read more
कल से शुरू होंगे पितृपक्ष के श्राद्ध
कल अर्थात 13 सिंतबर को भाद्रपद महीने की पूर्णिमा है. इस मास के समाप्त होने पर आश्विन मास की शुरुआत होती है. परम्परा है कि आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में पितृ पक्ष मनाया जाए और श्राद्ध-तर्पण इत... Read more
जब 500 रुपये का जुर्माना हुआ दानसिंह मालदार पर
गोविन्द राम काला की शानदार किताब ‘मेमोयर्स ऑफ़ द राज’ के कई अंशों का अनुवाद आप काफल ट्री पर पढ़ चुके हैं. आज पढ़िए अपनी इस पुस्तक में पिथौरागढ़ के मालदार परिवार को लेकर गोविन्द राम काला ने क... Read more
नीम करोली बाबा की महासमाधि का दिन
बाबा के आदेश से जब गाडी मथुरा में रुकी तो वे सभी रेलगाड़ी से उतर गए स्टेशन पर कुछ भक्तों ने बाबा के पैर छूए. कुछ समय बाद बाबा ने अपनी आँखें बंद कर दीं और उनके शरीर से पसीना छूटने लगा. उन्हों... Read more
फिर चांद के लिए इतनी चाहत क्यों?
50 वर्ष पहले 20 जुलाई 1969 को चांद की सतह पर मानव के वे पहले कदम पड़े थे. 8 बज कर 26 मिनट (कोआर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम) पर अपना बांया कदम चांद पर रखते हुए प्रथम चंद्रयात्री नील आर्मस्ट्रांग... Read more
ग्यारह सितंबर का एक फोटोग्राफ़
ग्यारह सितम्बर का एक फ़ोटोग्राफ़वे कूद रहे थे जलती मंजिलों सेएकदोकुछेक और- कुछ ऊपर थे, कुछ नीचेएक फोटोग्राफ़र ने उन्हें दर्ज़ कर लिया हैजब वे जीवित थेधरती के ऊपरधरती तक पहुँचते हुए -हर आदमी सा... Read more
उत्तराखण्ड के पर्वतीय हिस्से मोटर व्हीकल एक्ट की शर्तों को कैसे पूरा करें
इस समय देश में मोटर व्हीकल एक्ट की चर्चा है. इसमें तय किये गए तुगलकी जुर्मानों की रकम की चर्चा भर ही नहीं है बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लाखों तक के जुर्माने की खबरों भर से लोग डरे-स... Read more
अपने पितरों के प्रति श्रद्धा का पर्व है श्राद्ध
मान्यता व आस्था का पर्व है अपने पितरों के प्रति श्रद्धा का पर्व है श्राद्ध. श्राद्धम वा पितृयज्ञ: स्यात (कात्यायन स्मृति) अर्थात पितृयज्ञ का नाम ही श्राद्ध है. प्राणी स्थूल देह है और जीव चेत... Read more
क्या फर्क रह गया है लघु और बड़ी पत्रिकाओं में?
लघु पत्रिका आन्दोलन की शुरुआत व्यावसायिक पत्रिकाओं को चुनौती देने के उद्देश्य से हुई थी. साठ के दशक में ‘समानांतर’ कला-माध्यमों के रूप में यह लगभग सभी कला-रूपों में एक साथ शुरू हुआ. सिनेमा,... Read more


























