फाग : मंगल संस्कारों में गाये जाने वाले गीत
‘फाग’ कुमाऊं में विभिन्न संस्कारों के अवसर पर गाये जाने वाले मंगलगीत हैं. इन्हें ‘शकुनगीत’ भी कहा जाता है. ओधान, पुत्र-जन्म, षष्ठी, नामकरण, व्रतबंध, विवाह आदि विभिन्न... Read more
कठपतिया के बारे में बचपन से सुनते आया था, कुछ दिन पूर्व इसी पोर्टल पर प्रख्यात कथाकार बटरोही जी के चर्चित उपन्यास ‘थोकदार किसी की नहीं सुनता’ के अंश में कठपतिया के बारे में पढ़ने को मिला तो... Read more
ब्रह्मपुर चौथी व छठी-सातवीं शताब्दी के मध्य में उत्तराखण्ड के पर्वतीय राज्य की राजधानी हुआ करती थी. इतिहासकारों के अनुसार गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद उत्तरी भारत में पैदा हुए छोटे-छोटे राज... Read more
कल से विश्व बाक्सिंग चैम्पियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे पिथौरागढ़ के दो युवा
सीमांत जिला कहे जाने वाले पिथौरागढ़ में प्रतिभाओं का भंडार है. बाक्सिंग, फुटबाल, बास्केटबाल, क्रिकेट सभी खेलों में यहां के लोगों ने न केवल देश का बल्कि जिले का नाम भी रौशन किया है. भारत की खे... Read more
कायनात की तमाम साज़िशों के बावजूद गणित’ज्ञ’ नहीं हो सके हम. ‘क’ पर ही निपट लिया मामला. उतनी ही गणित सीख सके जितनी बाज़ार से सौदा सुलुफ लाने में काम आ सके. आज भी कोई ब... Read more
वह भी एक दौर था
अतीत की स्मृतियों में अभी भी ताजा है वो सब– मेरी उम्र की पूरी जमात हंसी-खुशी स्कूल जाती थी, टाट पट्टी में बैठती थी कलम और दवात से तख्ती पर लिखती थी और स्लेट पर खड़िया से आड़ी-तिरछी लक... Read more
नये ट्रैफिक नियमों के बाद चौराहे पर काबिलियत दिखाने को लालायित हैं पुलिस वाले
आज चौराहों पर बडी हलचल है. पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और उनके सहयोगी होमगार्ड वाले मुस्तैदी से तैनात हैं. ऐसा नहीं है कि ये पहले तैनात नहीं होते थे पर अब ऐसा लगता है सरकार ने इनको परमाणु हथि... Read more
पर्वतों की रानी मसूरी का इतिहास
मसूरी पहला हिल स्टेशन था, जहां स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था की गई. वेल्स बंदोबस्त के बाद सन् 1842 के नियम 10 के तहत इस क्षेत्र के नियमन के लिए एक स्थानीय समिति का गठन किया गया. अंग्रेजों के आ... Read more
गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ की कविता: जहाँ न पटरी माथा फोड़े, ऐसा हो स्कूल हमारा
जहाँ न बस्ता कंधा तोड़े, ऐसा हो स्कूल हमाराजहाँ न पटरी माथा फोड़े, ऐसा हो स्कूल हमारा जहाँ न अक्षर कान उखाड़ें, ऐसा हो स्कूल हमाराजहाँ न भाषा जख़्म उभारे, ऐसा हो स्कूल हमारा जहाँ अंक सच-सच ब... Read more
इस बात से सभी इत्तेफाक रखते हैं कि आज के दिन अगर कोई अपना बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़ा रहा है तो वह मज़बूरी में पढ़ा रहा है. यह बात उत्तराखंड समेत पूरे भारत में लागू होती है. आज के दिन सरकारी स्... Read more


























