‘शापिंग मॉल्स’ पर निरन्तर बढ़ती चहलकदमी और गली, नुक्कड़ों के बाजारों में पसरता सन्नाटा यह बताने के लिए क्या पर्याप्त संकेत नहीं है कि हम कहां जा रहे हैं? कस्बों और शहरों के छोटे-... Read more
क्या विशाल ब्रह्मांड में हम अकेले हैं
न जाने नक्षत्रों में है कौन! हां, कौन जाने अंतरिक्ष में जगमगाते असंख्य नक्षत्रों के किस अनजाने लोक में न जाने कौन है? किसे पता? यही किसे पता कि विशाल ब्रह्मांड में नक्षत्र यानी तारे आखिर कित... Read more
अम्मा और शीला के बेटे के जन्मदिन का केक
इस बार कई सालों बाद गाँव जाना हुआ कुछ अलग नहीं लगा, वही जैसा 3 साल पहले देखा था वैसा ही. बस जो एक पुल था उसकी बाउंड्री पर लगे पाइप टूट के बाहर लटक रहे थे और घर को जाता खड़नचा नया पड़ा था. इस... Read more
मोटर गाड़ियों के आने के काफी पहले काठगोदाम और नैनीताल के बीच यातायात की समस्याओं से निबटने के लिए अंग्रेजों द्वारा अनेक योजनाएं बनाई गयी थीं. इनमे सबसे पहली थी इन दो जगहों के बीच सामान के ढुल... Read more
रह गई है अभी कहने से सबसे ज़रूरी बात
कुछ कद्दू चमकाए मैंनेकुछ रास्तों को गुलज़ार कियाकुछ कविता-टविता लिख दीं तोहफ़्ते भर ख़ुद को प्यार किया अब हुई रात अपना ही दिल सीने में भींचे बैठा हूँहाँ जीं हाँ वही कनफटा हूँ, हेठा हूँटेलीफ़... Read more
घुइयां का कुमाऊनी में अर्थ
कुमाऊ में घुइयां का अर्थ अरबी से है लेकिन क्या आप उस घुइयां के बारे में जानते हैं जो जमीन और सूप के बाहरी हिस्से पर बनाई जाती है. सूप बांस का बना एक घरेलू उपकरण है. उत्तराखंड के लगभग सभी घरो... Read more
आज के समय में जन्मकुंडली आदि कम्पूटर में तैयार की जाती हैं और उसी से प्रिंट भी निकाले जाते हैं. लेकिन एक समय में इसे हाथ से बनाया जाता था, जिसमें सुंदर सी लिखावट में लिखा गया होता था. अगर आप... Read more
बीजेपी सांसद समेत ग्यारह लोगों के फोन चोरी हुए अरुण जेटली के अंतिम संस्कार में
प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया के हवाले से ‘द क्विन्ट’ में छपी खबर के मुताबिक़ बीते रविवार को जब दिल्ली के निगमबोध घाट पर भूतपूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का अंतिम संस्कार चल रहा था, ग्यारह लोगों के... Read more
कठपतिया का श्राप
कठपतिया का श्राप चारों ओर छोटे-छोटे पत्थरों से एक गोल घेरा बनाया जाता था जिसके बीच कोई भी आदमी – किसी भी जगह का, किसी भी जाति-धर्म का, जिसका धर्म इन जंगलों की आजीविका से जुड़ा रहता, गोल घेरे... Read more
हल्द्वानी में यादों की बरात और शेट्टी की खोपड़ी
नाहिद में ‘यादों की बारात’ लगी थी. जमाने के टाइम के तकाज़े के हिसाब से हम चार दोस्त जीनातमान के जलवे और धरमेंदर की सनातन हौकलेटपंथी देखने के उद्देश्य से सेकंड क्लास की सबसे आगे क... Read more



























