महान सिदुवा-बिदुवा और खैंट पर्वत की परियाँ
बहुत समय पहले तिब्बत में सोनपाल नाम का एक राजा राज करता था. उसकी सात बेटियाँ थीं, जिनमें सबसे बड़ी थी जोत्रामाला. उसकी सुंदरता ऐसी थी जैसे पूर्णिमा का चाँद धरती पर उतर आया हो. जोत्रामाला हर... Read more
उत्तराखंड में वित्तीय अनुशासन की नई दिशा
उत्तराखंड जैसे संसाधन सीमित हिमालयी राज्य के लिए वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता केवल प्रशासनिक विषय नहीं बल्कि विकास का मूल आधार है. अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (ऐ जे एन आई ए... Read more
“जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” हमारी भारतीय संस्कृति में माँ और जन्म भूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ माना गया है — यह श्लोक केवल एक आदर्श नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का आत्म स्वर है. माँ... Read more
प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और सामाजिक चिंतक प्रो. पी. सी. जोशी का यह कथन बेहद प्रासंगिक है कि ‘‘….यह स्वीकार करते हुए अत्यंत लज्जा महसूस करता हूँ कि मैंने देश-दुनिया में अर्थशास्त्र के क्षे... Read more
1857 में ईस्ट इंडिया कंपनी से भारत का शासन ब्रिटिश क्रॉउन में निहित होने के बाद, अंग्रेजों ने केंद्रीकृत व्यवस्था को प्रशासनिक एवं जन विद्रोह को विभाजित करने की नियत से ही प्रांतों का गठन प्... Read more
मां, हम हँस क्यों नहीं सकते?
“मां, मेरे लिए सुधा मूर्ति की बुक आर्डर कर दो” बेटी भीतर आते ही बोली. “कभी अपने स्कूल की किताबें भी पढ़ लिया करो ” मैंने लापरवाही से जवाब दिया . “प्लीज मां, कर... Read more
कुमाउनी शब्द सम्पदा की विपुलता, विविधता और सामर्थ्य के प्रसंग में लब्ध प्रतिष्ठित भाषा शास्त्रियों का मत है कि कभी-कभी तो हिंदी या अन्य भाषाएं इसका मुकाबला नहीं कर पाती. ऐसे में यह सन्दर्भ प... Read more
नीब करौरी धाम को क्यों कहते हैं ‘कैंची धाम’?
अगर आप कभी नैनीताल या अल्मोड़ा की तरफ़ यात्रा पर निकले हों तो रास्ते में “कैंची धाम” का नाम ज़रूर सुना होगा. दुनिया भर में ये “नीब करौरी धाम” नाम से प्रसिद्धी पा चुका धार्मिक स्थल है. अक्सर... Read more
उत्तराखंड की पहाड़ियाँ जितनी शांत और सुंदर हैं, उतनी ही रहस्यमय भी. यहाँ के गाँवों में आज भी कुछ परंपराएँ जीवित हैं जो देवता, विश्वास और डर — तीनों को एक साथ जोड़ती हैं. ऐसी ही एक परंपरा है... Read more
बहुत समय पहले कत्यूरगढ़ के सुंदर किले पर एक वीर और रूपवान राजा ब्रह्मदेव राज करते थे. उनके पिता का नाम गंभीरदेव था. ब्रह्मदेव दिखने में बहुत सुंदर और बलशाली थे — उनकी मूँछें शेर जैसी, आँखें... Read more


























