एक थे गुलशन नंदा
एक थे गुलशन नंदा. हिन्दी में पल्प फिक्शन उर्फ लुगदी साहित्य के सबसे ज़्यादा बिकने वाले लेखक. अपने दौर, 60 से लेकर 80 के दशक तक, की दर्जनों सिल्वर जुबिली, गोल्डन जुबिली फिल्मों के लेखक. हिन्द... Read more
कितने धारों के बारे में जानते हैं आप?
उत्तराखण्ड की कुमाऊनी और गढ़वाली बोलियों में दो इलाकों के बीच की सामानांतर लेकिन उठे हुई भूमि को धार कहा जाता है. धार के दोनों तरफ ढलान होती है. अनुमानतः कुमाऊं-गढ़वाल में सैकड़ों धार हैं जिनके... Read more
गोपाल सिंह रमोला और उनके भट के डुबके
कुमाऊँ के की उर्वर सोमेश्वर घाटी में सोमेश्वर और बग्वालीपोखर के बीच एक जगह पड़ती है – लोद. इस छोटी और बेनाम सी बसासत को पिछले दस-बारह सालों में एक छोटी सी ढाबेनुमा दुकान ने खासा नाम दिलाया है... Read more
मोदी पूरी तरह सुरक्षित हैं, एसपीजी में गुजारे बारह वर्षों के आधार पर यह कह सकता हूँ. प्रधानमन्त्री की सुरक्षा को लेकर एसपीजी से चौकस व्यवस्था हो ही नहीं सकती| लेकिन उनका झूठ सुरक्षित नहीं है... Read more
विश्वविद्यालयों के संचालन में एकरूपता लाने के लिए अंब्रेला एक्ट लाने तैयारी
उत्तराखंड के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री .धन सिंह रावत ने विश्वविद्यालयों के संचालन में एकरूपता लाने के उददेश्य से एक समान एक्ट लाने के संबंध में बैठक की है. प्रदेश में निजी और सरकारी विश्वविद्... Read more
क्या जरूरी है पंचेश्वर बाँध?
महाकाली नदी पर देश का सबसे ऊंचा बांध बनाने की पंचेश्वर बहुउद्देशीय परियोजना प्रस्तावित है. इस परियोजना की नीव 1996 में हुई भारत-नेपाल महाकाली जल संधि में पड़ी. गौरतलब है कि महाकाली नदी दोनों... Read more
उत्तराखण्ड में डेंगू नियंत्रण : हाईकोर्ट की केन्द्र व राज्य सरकार को एडवाइजरी जारी
उत्तराखण्ड में डेंगू के बढ़ रहे प्रकोप को देखते हुए हाईकोर्ट ने केन्द्र व राज्य सरकार को एडवाइजरी जारी की है.केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह डेंगू पर नियंत्रण के लिए उत्तराखंड को पर्याप्... Read more
बिनसर में इटली का संत
लम्बे धवल केश और वैसी ही लम्बी धवल दाढ़ी वाले उस खूबसूरत अंगरेज़ को देखकर किसी को भी धोखा हो सकता था कि वह धर्म-प्रचारक या बाबा टाइप की कोई चीज़ होगा. बिनसर-कसारदेवी-अल्मोड़ा के इलाके में चार-पा... Read more
ओ रुपसा रमोती
हमारे लोक की अनिन्द्य नायिकाएं – डॉ. प्रयाग जोशी लोक गाथाओं के साहित्यिक सौन्दर्य का संपूर्ण निदर्शन उनमें आई नायिकाओं के रूप में वर्णन हैं. उनका सौन्दर्य-सम्मोहन ही मंत्रियों व परियों... Read more
इतना हरा इतना बिनसर
अल्मोड़ा से कोई तीस-पैंतीस किलोमाटर दूर बिनसर वन्यजीव अभयारण्य की सुन्दरता बरसातों में कई गुना बढ़ जाती है. हरियाली का ऐसा विस्फोट होता है कि अमेज़न के रेन फॉरेस्ट्स की याद आ जाय. बरसातों में ब... Read more



















