1942 की सालम जन क्रांति की याद
प्रमोद साह हल्द्वानी में रहने वाले प्रमोद साह वर्तमान में उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत हैं. एक सजग और प्रखर वक्ता और लेखक के रूप में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफलता... Read more
चंद्रमा में पानी की खोज
हाल में पीएनएएस (PNAS) नामक पत्रिका में एक अध्ययन प्रकाशित किया गया जिसके अनुसार चन्द्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों में बर्फ जमे होने का पता लगा है. पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार चन्द्रमा... Read more
हल्द्वानी का चलता फिरता सैलून
पहले बालों से ज्ञान, शील और चरित्र का काफी गहरा व्युतक्रमानुपाती सम्बन्ध माना जाता था. यानि सर के बाल जितने लम्बे होंगे ज्ञान प्राप्ति उतनी ही कम होगी और कुचरित्र स्वाभाविक गुण बन जायेगा. लि... Read more
ब्रह्मताल झील की यात्रा भाग-1
विनीता यशस्वी विनीता यशस्वी नैनीताल में रहती हैं. यात्रा और फोटोग्राफी की शौकीन विनीता यशस्वी पिछले एक दशक से नैनीताल समाचार से जुड़ी हैं. बाहर अभी भी अंधेरा ही है और सर्दी भी बहुत ज्यादा.... Read more
उत्तराखंड में गलबहियां डाले पक्ष-विपक्ष
सत्तापक्ष व विपक्ष में याराना नज़र आने लगे तो राजनीतिक सरगर्मियों का बढ़ना स्वभाविक है. ऐसा ही कुछ हो रहा है प्रदेश की दो धुरविरोधी पार्टीयों कांग्रेस और भाजपा के बीच. बीजेपी की सरकार बनने से... Read more
नैनी झील को संवारने की कवायद
मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने पर्यटक नगरी की खूबसूरत नैनीझील को नये सिरे से संरक्षित एवं विकसित करने के लिये प्राधिकरण सभागार में झील सुरक्षा समिति की बैठक ली . इस दौरान 35 करोड़ 14 लाख के प्रस्... Read more
– (काफल ट्री डेस्क) कॉर्बेट नेश्नल पार्क में बाघ संरक्षण के लिए उत्तराखंड सरकार की ओर से उठाए गए क़दमों पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अगले तीन महीने के लिए कॉर... Read more
नए शैक्षिक सत्र के शुरू होने के चार महीनों बाद भी सर्व शिक्षा अभियान के तहत एक से आठवीं तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को ड्रेस की रक़म चार महीने बाद भी नहीं मिल पाई है. इससे पत... Read more
आवारा कहूं या कॉस्मोपॉलिटन
कुछ कुत्ते पालतू नहीं बनते. लाख कोशिश करके देख लो, आप उन्हें पालतू बना ही नहीं सकते. पड़ोस के गांव से बहककर कॉलोनी में आ गई एक कुतिया ने दो साल पहले कुछ बच्चे दिए थे, जिनमें दो जिंदा बचे. उन... Read more
बावरे अहेरी
ललित मोहन रयाल उत्तराखण्ड सरकार की प्रशासनिक सेवा में कार्यरत ललित मोहन रयाल का लेखन अपनी चुटीली भाषा और पैनी निगाह के लिए जाना जाता है. 2018 में प्रकाशित उनकी पुस्तक ‘खड़कमाफी की स्मृत... Read more


























