बीते दिन सोर घाटी के 22 गावों के लोग सड़कों पर थे. हाथों में निशान लिये ढोल दमाऊ के साथ निकले लोग अपने लोक देवता के डोले के लिए रास्ता मांग रहे हैं जिसे पिथौरागढ़ स्थित मिलिट्री इंजीनियर सर्... Read more
गोल्ड मैडल जीतने वाली मानसी नेगी का दर्द
इसमें शायद ही दोराय हो कि पहाड़ का कठोर जीवन पहाड़ के बच्चों को शारीरिक तौर पर मैदानी बच्चों से बेहतर बनाता है. प्रकृति की गोद में पले-बड़े बच्चों को जब मौका मिलता है वह साबित करते हैं कि के... Read more
बेरीनाग में पानी के लिए प्रदर्शन कर रहीं चालीस महिलाओं समेत 70 लोगों पर मुकदमा दर्ज. धारचूला के आपदा पीड़ितों को अगले हफ्ते से भोजन नहीं मिलेगा. हैरत की बात है ऐसी खबरें अब लोगों को कतई प्रभ... Read more
फूलदेई के बहाने डांड्यौं कांठ्यूं का मुलुक…
गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ऐसे चितेरे कवि-गायक हैं जो अपने गीतों में लोकजीवन, लोक-संस्कृति के साथ कुदरत का समूचा चित्र उकेरते हैं. जहां एकओर उनके गीतों में लोक तत्त्वों का गहरा समावेश रहता है... Read more
राजी जनजीवन की झलक दिखाता एक बेहतरीन उपन्यास
‘काली वार काली पार’ पुस्तक के लेखक शोभाराम शर्मा की एक दो कृतियां बहुत पहले पढ़ी थी, जिनमें उनके जनप्रतिबद्ध लेखन की झलक देखी थी मैंने. न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन से 2022 में आयी इस पुस्तक को पढ़... Read more
‘रमोलिया हाउस’ हमारी नई शुरुआत
लोकपर्व फूलदेई के मौके पर ‘काफल ट्री’ अपने निर्माणाधीन ‘सांस्कृतिक केंद्र’ के नाम की घोषणा कर रहा है. हल्द्वानी में स्थित इस सांस्कृतिक केंद्र को ‘रमोलिया हाउस’ नाम द... Read more
फूलदेई: बाजार की मार से हांफता त्यौहार
बात ज्यादा पुरानी भी नहीं है. उत्तराखण्ड के पहाड़ की तलहटी पर कुछ बसावटें कस्बे के सांचे में ढल रही थी. ये कस्बे तिजारत के अड्डों से ज्यादा कुछ नहीं थे. इनमें ज्यादातर पहाड़ी लोग ही आ बसे थे... Read more
कहानी : कैकेयी कंडक्टर और ‘बस-हो-चली-बुढ़िया’
(प्रकृति करगेती की यह कहानी उनके कहानी संग्रह ‘ठहरे हुए से लोग’ में शामिल है. कहानी संग्रह को अमेजन से खरीदा जा सकता है. लिंक यह रहा : ठहरे हुए से लोग – Thahre Huye Se Log) मोड़ काटने... Read more
जार्ज VI के काल का सिक्का पहाड़ में कहलाया छेदु डबल
आज भले ही कुमाऊं में दिन के न जाने कितने गीत बनाये जाते हैं पर जन सरोकार से जुड़ा कोई गीत शायद ही कभी कोई बनता हो. राज्य में पिछले दो दशकों में बने गीत सुनकर लगता है कि जैसे प्रेम ही एकमात्र... Read more
कीड़ाजड़ी – पिण्डर घाटी के जीवन का जादुई आईना
अनिल यादव की ‘कीड़ाजड़ी’ में कीड़ाजड़ी उतनी ही है जितनी कीड़े में जड़ी या जड़ी में कीड़ा होता है. नाम अवश्य एक सनसनी पैदा करता है. कीड़ाजड़ी अब अपने नाम, काम और दाम से एक बड़ी अंतर्राष्ट्रीय... Read more



























