उधम सिंह नगर के तिलपुरी गांव की 32 साल की पैरा-एथलीट रेखा मेहता का सपना भारत का प्रतिनिधित्व करने का था लेकिन आर्थिक तंगी ने उनके इस सपने को लगभग छीन लिया था. प्रतिभा होने के बावजूद, उनके पा... Read more
चंद राजाओं का शासन : कुमाऊँ की अनोखी व्यवस्था
चंद राजाओं के समय कुमाऊँ का शासन बहुत व्यवस्थित माना जाता है. हर गाँव में एक पधान होता था, जिसके नीचे एक कोटाल काम करता था. कोटाल को पधान चुनता या हटा सकता था. यह पधान का सहायक था और लिखने क... Read more
हाल ही में म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने 2,000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली. इस घटना ने न सिर्फ म्यांमार में तबाही मचाई बल्कि हिमालय क्षेत्र में मंडरा रहे भूकंपीय खतरों क... Read more
हरियाली के पर्याय चाय बागान
चंपावत उत्तराखंड का एक छोटा सा नगर जो पहले अल्मोड़ा जिले का हिस्सा था और 1972 में पिथौरागढ़ में शामिल हुआ। फिर 1997 में एक स्वतंत्र जिला बन गया। गोरल देव यहां के इष्ट देवता है इसलिए यह गोल्... Read more
हो हो होलक प्रिय की ढोलक : पावती कौन देगा
दिन गुजरा रातें बीतीं और दीर्घ समय अंतराल के बाद कागज काला कर मन को चटक बना, होठों पे मुस्कान भर देने वाले गुदगुदी सम्राट ने यक्ष प्रश्न पूछा “पावती कौन देगा” प्रिय ने भेजी है.(P... Read more
हिमालयन बॉक्सवुड: हिमालय का गुमनाम पेड़
हरे-घने हिमालयी जंगलों में, कई लोगों की नजरों से दूर, एक छोटी लेकिन वृक्ष की बहुत महत्त्वपूर्ण प्रजाति पाई जाती है, जिसे Himalayan Boxwood (Scientific name: Buxus Wallichiana) कहते हैं... Read more
भू कानून : उत्तराखण्ड की अस्मिता से खिलवाड़
उत्तराखण्ड में जमीनों के अंधाधुंध खरीद फरोख्त पर लगाम लगाने और यहॉ के मूल निवासियों के हक हकूकों को बनाए रखने के लिए पिछले 4 साल से सख्त भू कानून का हल्ला खूब मचा हुआ था. प्रदेश में सख्त भू... Read more
कलबिष्ट : खसिया कुलदेवता
किताब की पैकिंग खुली तो आकर्षक सा मुखपन्ना था, नीले से पहाड़ पर सफेदी के स्ट्रोक, गाढ़े हरे पीले बसंती रंग के साथ लालिमा लिया अधेड़ सा एक पेड़ और उसके बगल में देवालय. इस परिदृश्य से उभरती हु... Read more
खाम स्टेट और ब्रिटिश काल का कोटद्वार
गढ़वाल का प्रवेश द्वार और वर्तमान कोटद्वार-भाबर क्षेत्र 1900 के आसपास खाम स्टेट में आता था. भारत में उस दौरान अंग्रेजों का शासन था. कोटद्वार-भाबर क्षेत्र का अधिकांश भाग चारों और से जंगल से घ... Read more
जंगली बेर वाली लड़की ‘शायद’ पुष्पा
मुझे याद है जब मैं सातवीं कक्षा में थी. तब मेरी क्लास में एक लड़की पढ़ती थी. जिसका नाम “शायद” पुष्पा था. मुझे यह बात तो अच्छी तरह से याद है कि मैं सातवीं में ही पढ़ती थी. पर मुझे... Read more


























