समाज

हरेला पर लिखो और उपहार पाओ

दुनिया भर में आज तक किसी भी देश की मुख्य नीति में पर्यावरण कोई मुद्दा नहीं है वहीं उत्तराखंड का समाज साल में तीन बार पर्यावरण से जुड़ा हरेला लोकपर्व मनाता है. उत्तराखंड के समाज में मनाये जाने वाले इस लोकपर्व का एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पक्ष भी है जिसे हमारे भीतर बिना किसी औपचारिक शिक्षा के रोपा जाता था.
(Harela Society Competition 2021)

पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली ‘हरेला सोसायटी’ इस वर्ष हरेला के पर्व पर एक गतिविधि कर रही है. इस गतिविधि के तहत ‘हरेला लोकपर्व का पर्यावरण से संबंध’ विषय पर लेख आमंत्रित किये जा रहे हैं. गतिविधि का उदेश्य है तर्क के आधार पर चलने वाली नई पीढ़ी को पर्यावरण और अपने लोकपर्व से जोड़ा जाना और इनका महत्व बतलाना है.  

गतिविधि को अधिक रोचक बनाने के लिये हरेला सोसायटी द्वारा इसे एक प्रतियोगिता में बदला गया है. गतिविधि का हिस्सा बनने के लिये इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनना होगा और ‘हरेला लोकपर्व का पर्यावरण से संबंध’ विषय पर कम से कम 500 शब्दों का एक लेख भेजना होगा. सबसे बेहतर पांच लेखों को काफल ट्री की वेबसाईट पर तस्वीर और परिचय के साथ प्रकाशित किया जाएगा और हरेला सोसायटी की ओर से एक उपहार दिया जायेगा. प्रतियोगिया से संबंधित विस्तृत जानकारी इस तरह हैं:
(Harela Society Competition 2021)

विषय: हरेला लोकपर्व का पर्यावरण से संबंध

कहाँ भेज सकते हैं:

1- info.harela@gmail.com या हरेला सोसायटी के फेसबुक पेज पर मैसेज : Harela Society
2- kafaltree2018@gmail.com या काफल ट्री के फेसबुक पेज पर मैसेज : काफल ट्री

लेख कब तक भेज सकते हैं:
बुधवार 14 जुलाई, रात्रि 12 बजे तक भेजे गये लेख ही मान्य होंगे.

उपहार क्या है:
हरेला टी-शर्ट और एक सर्टिफिकेट (सर्टिफिकेट सभी प्रतिभागियों को ईमेल के माध्यम से भेजा जायेगा)

परिणाम घोषित कब किये जायेंगे:
शुक्रवार 16 जुलाई 2021 की शाम

प्रतियोगता के नियम:

  1. लेख केवल विषय से संबंधित हो.
  2. लेख हिन्दी या अंग्रेजी किसी भी एक भाषा में लिखा हो.
  3. हिन्दी में लिखे लेख देवनागरी लिपि में ही हों.
  4. लेख केवल गद्य में हो, किसी भी तरह की कविता का प्रयोग लेख में न हो.
  5. लेख वर्ड फ़ाइल फोर्मेट या पीडीफ में हो.
  6. न्यूनतम शब्द सीमा 500
  7. वर्तनी की शुद्धता भी प्रतियोगिता के निर्णय का एक मानक है.
  8. प्रतियोगिता को निष्पक्ष बनाने के लिये हरेला सोसायटी के वालेंटियर और काफल ट्री के नियमित लेखकों की प्रविष्टियां प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं मानी जायेंगी.
  9. लेख के साथ अपना एक सक्षिप्त परिचय और एक तस्वीर जरुर भेजें.
  10. सम्पादक मंडल द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम होगा.
    (Harela Society Competition 2021)

नोट : किसी भी प्रकार की अन्य जानकारी के लिये इस नंबर पर संपर्क करें :
98974 70369 (हरेला सोसायटी)
9990005798 (काफल ट्री)

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

जब तक सरकार मानती रहेगी कि ‘पलायन’ विकास की कीमत है, पहाड़ खाली ही होते रहेंगे

पिछली कड़ी  : उत्तराखंड विकास नीतियों का असमंजस उत्तराखंड में पलायन मात्र रोजगार का ही संकट…

3 days ago

एक रोटी, तीन मुसाफ़िर : लोभ से सीख तक की लोक कथा

पुराने समय की बात है. हिमालय की तराइयों और पहाड़ी रास्तों से होकर जाने वाले…

3 days ago

तिब्बती समाज की बहुपतित्व परंपरा: एक ऐतिहासिक और सामाजिक विवेचन

तिब्बत और उससे जुड़े पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों का समाज लंबे समय तक भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक…

3 days ago

इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक स्मृति के मौन संरक्षक

हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड के गांवों और कस्बों में जब कोई आगंतुक किसी…

3 days ago

नाम ही नहीं ‘मिडिल नेम’ में भी बहुत कुछ रखा है !

नाम को तोड़-मरोड़ कर बोलना प्रत्येक लोकसंस्कृति की खूबी रही है. राम या रमेश को रमुवा, हरीश…

3 days ago

खेती की जमीन पर निर्माण की अनुमति : क्या होंगे परिणाम?

उत्तराखंड सरकार ने कृषि भूमि पर निर्माण व भूमि उपयोग संबंधित पूर्ववर्ती नीति में फेरबदल…

5 days ago