ज्ञान पंत की रचनाओं में बसता है समूचा पहाड़
हाल ही के वर्षो में ’बाटुइ’ शीर्षक से प्रकाशित कविता संग्रह कुमाउनी साहित्य में रुचि रखने वालों लोगों के लिए एक नायाब कृति के रुप में उभर कर आई है. वरिष्ठ रचनाकार ज्ञान पंत द्वारा इस संग्रह... Read more
सर्वेक्षण विभाग के 250 वर्षों के बदलावों को दर्शाती पुस्तक ‘ग्लिम्पसेज़ ऑफ सर्वे ऑफ इण्डिया’
शनिवार 2 नवम्बर, 2019 को दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र देहरादून के तत्वाधान में होटल इन्द्रलोक के सभागार में ब्रिगेडियर के.जी.बहल, भूतपूर्व उप-महासर्वेक्षक, सर्वे ऑफ इण्डिया की पुस्तक ‘ग्लिम्... Read more
1942 में आज ही के दिन हुई थी सालम क्रांति
‘भारत छोड़ो’ आंदोलन में कुमाऊं के जनपद अल्मोड़ा में स्थित सालम पट्टी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. अल्मोड़ा जनपद के पूर्वी छोर पर बसे सालम क्षेत्र को पनार नदी दो हिस्सों में बांटती है. यहां क... Read more
कुमाऊं में पारम्परिक विवाह प्रथा
पुरातन काल से ही भारतीय हिन्दू समाज में विवाह को जीवन का एक महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है. विवाह स्त्री – पुरुष का मिलन मात्र नहीं अपितु एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था है जहां से मानव वंश को आगे ब... Read more
काफल ट्री के नियमित सहयोगी चंद्रशेखर तिवारी ने ‘उत्तराखण्ड होली के लोक रंग’ नाम से एक महत्वपूर्ण पुस्तक का सम्पादन किया है. समय साक्ष्य प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का प्रार... Read more
उस बार कोसी नदी की घाटी में जब सरसों की पीली फसल को लहलहाते तथा दूर जंगलों में खिलते बुरांश के लाल फूलों को देखा तो गांव की फागुनी होली के विविध दृश्य एक-एक कर मानस पटल पर उभरने लगे. बसन्त प... Read more
कुमाऊं में पारम्परिक विवाह प्रथा – 2
(पिछली कड़ी: कुमाऊं अंचल में पारम्परिक विवाह प्रथा – 1) गणेश पूजा. वैवाहिक कार्य बिना किसी बाधा के अच्छी तरह से सम्पन्न हों इस कामना के निमित्त वर व कन्या पक्ष के लोग अपने – अपने... Read more
कुमाऊं में पारम्परिक विवाह प्रथा – 1
पुरातन काल से ही भारतीय हिन्दू समाज में विवाह को जीवन का एक महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है. विवाह स्त्री – पुरुष का मिलन मात्र नहीं अपितु एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था है जहां से मानव वंश को... Read more
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