वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने साझा की पिथौरागढ़ जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था
वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने अपनी फेसबुक वाल पर एक पोस्ट शेयर की है. पोस्ट उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी है. यह पोस्ट रवीश कुमार की वाल से उनकी अनुमति से साझ... Read more
ऐपण कला की उम्मीद पिथौरागढ़ की निशा पुनेठा
उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति के विलुप्त हो जाने की आशंका के बीच कई युवा अपने जिद्दी इरादों के साथ इस कुहासे को लगन के साथ हटाते दिखाई देते है. उनके इरादे बताते हैं कि ऐसा मुमकिन नहीं. उनके रहते... Read more
छिपलाकेदार: फूलों की घाटी और ब्रह्म कमल के मैदान
नेपाल व तिब्बत से सटे सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ की मुनस्यारी व धारचूला तहसील के बीच स्थित है छिपलाकेदार. हिमाच्छादित चोटियों को पृष्ठभूमि में लिए 14 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित यह नैसर्गिक बुग्य... Read more
शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क के लिये पिथौरागढ़ के होकरा गांव में 6 दिन से 83 लोग भूख हड़ताल पर
पिथौरागढ़ जिला पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय बना हुआ है, मुद्दा है शिक्षकों और पुस्तकों की मांग करते महाविद्यालय के युवा पर शिक्षकों और पुस्तकों की समस्या केवल पिथौरागढ़ महाविद्यालय की ही स... Read more
उत्तराखंड में खेलों के क्षेत्र में संसाधन न के बराबर हैं. पर्वतीय क्षेत्रों में तो अभ्यास के लिए छोटे-मोटे मैदान तक का मिल पाना असंभव है. इसके बावजूद अपनी मेहनत और लगन से उत्तराखण्ड के कई खि... Read more
शहरी कोलाहल से विक्षिप्त होकर जब भागना होता है तो उत्तराखंड ही याद आता है. ये खुद को बचाए रखने का संघर्ष है. कोई अपना घर गाँव छोड़ कर शहर भाग रहा है और कोई शहर से गाँव की ओर. दोनो के अपने-अप... Read more
उत्तराखण्ड की एक और बेटी ने किया एवरेस्ट फतह
उत्तराखण्ड की एक और पर्वतारोही शीतल राज ने एवरेस्ट फ़तेह कर प्रदेश का मान बढाया है. बछेंद्री पाल और चंद्रप्रभा ऐतवाल की परंपरा को आगे बढ़ाने वाली शीतल कुमाऊँ मंडल के पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय के... Read more
अस्कोट उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मण्डल के पिथौरागढ़ जिले की डीडीहाट तहसील का एक परगना है. पिथौरागढ़ से अस्कोट की दूरी लगभग 52 किमी है और बागेश्वर से 125 किमी, बेड़ीनाग यहाँ से 61 किमी की दूरी पर है.... Read more
काली कुमाऊँ के गुमदेश की चैतोल
सोर घाटी, पिथौरागढ़ के अलावा काली कुमाऊँ के गुमदेश में भी चैतोल का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है. गुमदेश की चैतोल सोर की चैतोल से कुछ भिन्नता लिए हुए होती है. अष्टमी के दिन घर भर की साफ़-सफाई,... Read more
व्यापारिक, धार्मिक और सामरिक महत्व का शहर टनकपुर
उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल की मंडी है टनकपुर, चम्पावत और पिथौरागढ़ का प्रवेशद्वार. शारदा नदी के तट पर बसा टनकपुर कभी एक छोटा सा गाँव हुआ करता था जो अपनी भूराजनीतिक स्थिति की वजह से एक बड़ी मंडी... Read more
Popular Posts
- जब तक सरकार मानती रहेगी कि ‘पलायन’ विकास की कीमत है, पहाड़ खाली ही होते रहेंगे
- एक रोटी, तीन मुसाफ़िर : लोभ से सीख तक की लोक कथा
- तिब्बती समाज की बहुपतित्व परंपरा: एक ऐतिहासिक और सामाजिक विवेचन
- इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक स्मृति के मौन संरक्षक
- नाम ही नहीं ‘मिडिल नेम’ में भी बहुत कुछ रखा है !
- खेती की जमीन पर निर्माण की अनुमति : क्या होंगे परिणाम?
- नेपाल के रहस्यमयी झांकरी : योगी, वैद्य, तांत्रिक या ओझा?
- क्या मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रकृति महत्वपूर्ण है?
- क्या हैं जलवायु शरणार्थी?
- सियार और बाघिन: आदर्श पति की कहानी
- क्या चौड़ी सड़कें हिमालय के लिए बेहतर हैं?
- किन हिन्दू ग्रंथों में आता है कैलाश मानसरोवर का जिक्र?
- अधिकांश पहाड़ी जगहों के नाम में वहां का इतिहास और भूगोल छिपा रहता है
- अजपथों से हिमशिखरों तक : हिमालय प्रेमी घुमक्कड़ों के लिए एक जरूरी किताब
- उत्तराखंड विकास नीतियों का असमंजस
- उत्तराखंड में मौजूद अशोक के शिलालेख में क्या लिखा है?
- यारसागुंबा ही नहीं यह हिमालयी जड़ भी बनाती है आपको जवान
- उत्तराखंड में सेवा क्षेत्र का विकास व रणनीतियाँ
- जब रुद्रचंद ने अकेले द्वन्द युद्ध जीतकर मुगलों को तराई से भगाया
- कैसे बसी पाटलिपुत्र नगरी
- पुष्पदंत बने वररुचि और सीखे वेद
- चतुर कमला और उसके आलसी पति की कहानी
- माँ! मैं बस लिख देना चाहती हूं- तुम्हारे नाम
- धर्मेन्द्र, मुमताज और उत्तराखंड की ये झील
- घुटनों का दर्द और हिमालय की पुकार
