उत्तरकाशी का पौराणिक भेड़ मेला
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के गाजणा के ठांडी में हर तीन साल में भेड़ों का एक पौराणिक मेला आयोजित होता है. तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में अनेक प्रकार के रंगारंग कार्यक्रम आयोजित होते हैं. म... Read more
पिथौरागढ़ से हवाई सेवा शुरू की चिरकालिक खबर
शुक्रवार को नागर विमानन महानिदेशालय ( डीजीसीए ) की टीम ने नैनीसैनी हवाई पट्टी से नियमित उड़ाने प्रारम्भ किए जाने को लेकर हवाई पट्टी का निरीक्षण किया है. डीजीसीए के सहायक निदेशक डीजीसीए प्रमोद... Read more
डीडीहाट जिला बनाओ आंदोलन शुरू
डीडीहाट जिले के गठन की मांग को लेकर स्थानीय जनता ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है. पहले दिन ग्राम भनड़ा के ग्रामीण धरने पर बैठे. स्थानीय निवासियों ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है... Read more
आज जहाँ पलायन उत्तराखण्ड की प्रमुख समस्या बना हुआ है वहीँ कुछ युवा ऐसे भी हैं जिनमें महानगरों के सुविधाजनक जीवन का त्याग कर अपनी जड़ों से जुड़ने और जीवन के नए रास्ते तलाशने का जज्बा दिखाया है.... Read more
बुला रही है दारमा घाटी
दारमा घाटी को पिछले साल यानी 2017 में 18 साल बाद फिर से अनुभव करना एक खूबसूरत ख्वाब को जीने जैसा था. मैं यकीनन इसे उत्तराखंड ही नहीं समूचे हिमालय की सबसे खूबसूरत घाटियों में से एक मानता हूं.... Read more
उत्तराखंड में औद्योगिक भांग की खेती
उत्तराखंड सरकार ने पौड़ी गढ़वाल जिले में औद्योगिक भांग की खेती को बढ़ावा देने की खातिर एक प्रायोगिक परीक्षण शुरू करने के लिए इंडिया इंडस्ट्रियल हेंप एसोसिएशन (आईआईएचए) को एक लाइसेंस जारी किय... Read more
उत्तराखण्ड में मृत्यु के साए तले जनजीवन
कल उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी के पास गंगोत्री हाइवे पर गंगोत्री से लौटते समय भूस्खलन के मलबे की चपेट में आने से एक टैम्पो ट्रैवलर 150 फीट गहरी खाई में जा गिरा. मौके पर ही 13 लोगो की मौत हो गयी... Read more
पहाड़ियों के लिए दिशाएँ सिर्फ दो होती हैं
होती होंगी दिशाएँ चार, आठ या दस. हम पहाड़ियों के लिए दिशाएँ होती हैं सिर्फ दो – ऊपर और नीचे. यूँ तो मुख्य दिशाएँ चार मानी जाती हैं पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण. इनके अतिरिक्त इन दिशाओं स... Read more
सादगी और सामूहिक उत्सवधर्मिता विशेषता है उत्तराखंड में कृष्ण जन्माष्टमी की
भारत की सड़कों पर आज पहले से ही बस्ते के बोझ तले दबे स्कूली बच्चे कृष्ण और राधा के अवतार में अवतरित पाये गये. पहले जन्माष्टमी के दिन यह दृश्य मैदानी इलाकों में सामान्य था अब पहाड़ों के स्कूल म... Read more
2 सितम्बर का मसूरी गोली काण्ड : राज्य आंदोलनकारियों के खिलाफ़ एक सुनियोजित घटना
खटीमा के बाद बारी थी मसूरी की. 1 सितंबर 1994 की शाम को मसूरी झूलाघर स्थित नगरपालिका के पास के धरनास्थल को पीएसी ने अपने कब्जे में ले लिया था. मसूरी के एसडीएम को दो-एक दिन पहले ही बदला गया था... Read more
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