लोक कथा : आगे की लकड़ी जलकर पीछे ही आती है

4 years ago

किसी गांव में एक बूढ़ी अपनी बहू के साथ रहा करती थी. बूढ़ी सास का शरीर जर्जर हो चुका था,…

नौकरशाहों के लिये पर्वतीय इलाकों में तैनाती मतलब सजा है

4 years ago

उत्तराखंड राज्य बनने से पहले उत्तर प्रदेश सरकारी नौकरशाही शब्दावली में इसका पूरा पर्वतीय पनिशमेंट पोस्ट के रूप में जाना…

कुमाऊं के वीर योद्धा नीलू कठायत की अनसुनी गौरव गाथा

4 years ago

गरुड़ ज्ञान चंद के समय चम्पावत के राजदरबार में बक्सी (सेनापति) के पद पर सरदार नीलू कठायत था. संभव है,…

मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘घर जमाई’

4 years ago

हरिधन जेठ की दुपहरी में ऊख में पानी देकर आया और बाहर बैठा रहा. घर में से धुआँ उठता नजर…

कुमाऊनी भाषा की पहली पत्रिका ‘अचल’

4 years ago

1937 में साल के अंत-अंत तक कुमाऊनी में एक पत्रिका का विचार जीवन चन्द्र जोशी के दिमाग में जगह बना…

जब तिल्लू बड़बाज्यू भिटौला लेकर आये

4 years ago

भिटौली पर याद आया कि उस साल हम पहाड़ में रहे थे जब तिल्लू बड़बाज्यू भिटौला लेकर आये होंगे. आप…

मनोहर श्याम जोशी को याद करते हुए ‘कसप’ से एक अंश

4 years ago

यह शहर मुझे तभी स्वीकार करेगा जब मैं सरकारी नौकरी पर लगूं, तरक्की पाता रहूं और अवकाश प्राप्त करके यहाँ…

युगदृष्टा जोहारी ‘बाबू रामसिंह पांगती’

4 years ago

बाबू रामसिंह पांगती जोहार की उन महान विभूतियों में से एक थे जिन्होंने इस क्षेत्र के तत्कालीन समाज में व्याप्त…

चरवाहों का डेरा रहा खालिया टॉप आज लोकप्रिय पर्यटन स्थल है

4 years ago

कभी हिमालयी गड़रियों का अन्वाल थौड़ अब मुनस्यारी और उत्तराखण्ड की शान बन चुका विख्यात पर्यटन स्थल है. खलिया बुग्याल…

पहाड़ के इस सरकारी स्कूल में प्रवेश के लिए अभिभावकों की भीड़

4 years ago

पहाड़ में पलायन का एक बड़ा कारण शिक्षा का अभाव है. पहाड़ों में पिछले कुछ सालों में 3000 से अधिक…