“इन पेड़ों को काटने से पहले तुम्हें अपनी कुल्हाड़ियाँ हमारी देहों पर चलानी होंगी!”

8 years ago

26 मार्च 1974. उत्तराखंड का एक छोटा सा गाँव. नाम रैणी. गाँव की सभी महिलाएं एक बहादुर स्त्री के नेतृत्व…

पूंजीवाद का अंधेरा तहखाना है कूड़ा

8 years ago

समकालीन जनमत से साभार लिया गया निस्सीम मन्नातुक्करन का यह लेख पूंजीवाद के डीएनए में मौजूद मनुष्य-विरोधी तत्त्वों की शिनाख्त…

हल्द्वानी में कबूतरी देवी का गायन

8 years ago

कुमाऊनी लोकगायिका कबूतरी देवी ( kabutari devi ) ने सत्तर के दशक में अपने लोकगीतों से अपने लिए अलग जगह…

सरकार का काम लघुशंका गृह बनवाना नहीं, लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना है

8 years ago

लघुशंका गृह और क्रान्ति - हरिशंकर परसाई मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘यह छात्रों की अनुशासनहीनता है.…

अच्छे लेखक को कुछ भी बरबाद नहीं कर सकता है

8 years ago

विलियम फॉक्नर का साक्षात्कार (अनुवाद : शिवप्रसाद जोशी) नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अमेरिकी उपन्यासकार विलियम फॉक्नर (1897-1962) के एक प्रसिद्ध…

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन

8 years ago

देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया है. वे 93 वर्ष के थे. लंबे समय से…

भीमताल का फ्रेडी सैप

8 years ago

वन स्ट्रॉ रेवोल्यूशन वाले जापानी मासानोबू फुकुओका और पर्मीकल्चर के प्रतिनिधि आस्ट्रियाई किसान सैप होल्ज़र फिलहाल विश्वविख्यात नाम हैं और…

पहाड़ नहीं बचेंगे तो पूरा देश नहीं बचेगा

8 years ago

भारत का तीन दिशाओं में तैनात प्रहरी हिमालय क्षतिग्रस्त हो गया है, किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं किया, यह भीतरघात…

हम सब अपने बच्चों के हत्यारे हैं

8 years ago

सुन्दर चन्द ठाकुर कवि, पत्रकार, सम्पादक और उपन्यासकार सुन्दर चन्द ठाकुर सम्प्रति नवभारत टाइम्स के मुम्बई संस्करण के सम्पादक हैं.…

क्यों ज़रूरी है स्कूलों के इस पागलपन से पीछे लौटना

8 years ago

बोस्टन में मनोविज्ञान पढ़ाने वाले प्रोफ़ेसर पीटर ग्रे ने हाल के वर्षों में आधुनिक शिक्षा पद्धति की बुनियाद को लेकर…